मुम्बई (ए)। भारतीय टी20 क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव का कहना है कि उन्हें महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में नहीं खेलने की कमी हमेशा खेलेगी। सूर्यकुमार का कहना है कि वह हमेशा ही धोनी जैसे महान कप्तान की टीम में खेलना चाहते थे पर किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने हालांकि धोनी के खिलाफ जरूर खेला है पर उनके साथ नहीं खेल पाये। सूर्यकुमार को राष्ट्रीय टीम में देर से जगह मिली थी। उन्हें साल 2021 में विराट कोहली की कप्तानी में अवसर मिला था। इसके बाद वह रोहित शर्मा की कप्तानी में उतरे थे। वहीं अब वह स्वयं टी20 टीम के कप्तान हैं।
साल 2010 में सूर्यकुमार ने घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया था पर दस साल के बाद ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का अवसर मिला। टीम में जगह मिलने के बाद उन्होंने पीछे मुडक़र नहीं देखा और लगातार आगे बढ़ते गये हैं।
सूर्यकुमार ने एक कार्यक्रम में कहा, सबसे पहले, मैं धोनी को याद करता हूं। जब वह भारतीय टीम के कप्तान थे, तब मैं हमेशा टीम में जगह पाने के प्रयास कर रहा था पर मिला नहीं। वहीं घरेलू क्रिकेट में जब भी मैं उनके खिलाफ खेला, मैंने उन्हें स्टंप के पीछे देखा। वह बहुत शांत स्वभाव के रहे हैं। उनके खिलाफ खेलते हुए मैंने उनसे एक बात सीखी है कि किसी भी प्रकार के दबाव के हालात में शांत बने रहना चाहिए। वह खेल के दौरान सभी ओर देखने के बाद अपने फैसले करते थे।। मैंने विराट कोहली की कप्तानी में अपना डेब्यू किया था। विराट बहुत ही मेहनती कप्तान रहे हैं। वह आपकी सीमाओं से आगे बढक़र प्रदर्शन करते हैं और सर्वश्रेष्ठ चाहते हैं हालांकि सभी कप्तान सभी खिलाडिय़ों से सर्वश्रेष्ठ की उम्मीद करते हैं पर वह मैदान पर और मैदान के बाहर भी ऊर्जा से भरे रहते थे। वह अन्य लोगों से थोड़े अलग थे।
वहीं रोहित शर्मा की कप्तानी को लेकर सूर्यकुमार ने कहा, इसके बाद रोहित आये। उनकी कप्तानी में मैंने आईपीएल के अलावा भारतीय टीम की ओर से भी काफी मैच खेले। वह ऐसे कप्तान हैं जो अपने आस-पास सभी को सहज महसूस कराते हैं। उनसे युवाओं को प्रेरणा मिलती है। वह सभी से बात करने और सहायता के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। यही उनकी सबसे बड़ी खूबी है।








