रूस के ‘किलर ड्रोन्स’ से कांपा यूरोप! अब आसमान में खड़ी होगी अदृश्य ‘ड्रोन वॉल’, घुसते ही हो जाएगा शिकार

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कोपेनहेगन (ए)। तोप, टैंक और बंदूकों की जंग अब पुरानी हो चुकी है। रूस के ‘किलर ड्रोन्स’ ने यूक्रेन में जो तबाही मचाई है, उसने पूरी दुनिया, खासकर यूरोप में खौफ पैदा कर दिया है। रूसी ड्रोन्स की बढ़ती घुसपैठ से घबराए यूरोपीय संघ ने आज डेनमार्क में एक आपात बैठक बुलाई है, जिसमें पूरे यूरोप के आसमान को सुरक्षित करने के लिए एक अदृश्य ‘ड्रोन वॉल’ बनाने के क्रांतिकारी प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। यूरोपीय देशों की यह घबराहट बेवजह नहीं है। पिछले महीने ही नाटो सदस्य पोलैंड, एस्टोनिया और रोमानिया के आसमान में रूसी जासूसी ड्रोन देखे गए थे, जिसके बाद पूरे यूरोप में हडक़ंप मच गया था। इस घटना के बाद रूस की सीमा से लगते 10 देशों (बुल्गारिया, डेनमार्क, फिनलैंड, हंगरी, पोलैंड आदि) ने मिलकर अपनी सुरक्षा के लिए यह ‘ड्रोन वॉल’ बनाने का फैसला किया है, जिसे अब पूरे यूरोपीय संघ में लागू करने पर चर्चा हो रही है।
क्या है ये ‘अदृश्य’ ड्रोन वॉल? कैसे करेगी काम?
यह कोई ईंट या कंक्रीट की दीवार नहीं होगी, बल्कि यह एक अत्याधुनिक और अदृश्य सुरक्षा कवच होगा, जो दुश्मन के ड्रोन्स को यूरोप में घुसने से पहले ही नष्ट कर देगा। इस दीवार को बनाने के लिए सीमा पर राडार, जैमर और सेंसर का एक घना नेटवर्क बिछाया जाएगा। जैसे ही कोई अज्ञात ड्रोन यूरोपीय सीमा में घुसने की कोशिश करेगा, यह सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देगा। सभी यूरोपीय सदस्य देश एक-दूसरे से रियल-टाइम डेटा साझा करेंगे, ताकि ड्रोन की लोकेशन का पता लगाकर उसे इंटरसेप्ट किया जा सके और माकूल जवाब दिया जा सके।
नाटो के महासचिव मार्क रुट ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा, हम कुछ हजार डॉलर के ड्रोन को मार गिराने के लिए लाखों डॉलर की मिसाइलें बर्बाद नहीं कर सकते। ड्रोन का जवाब मिसाइल से नहीं दिया जा सकता। इसलिए ‘ड्रोन वॉल’ एक सस्ता और बेहद असरदार विकल्प है। हालांकि, यह अदृश्य दीवार असल में कैसी दिखेगी, इस पर कितनी लागत आएगी और यह कब तक बनकर तैयार होगी, इन सभी सवालों पर आज की बैठक में फैसला होने की उम्मीद है।
]इस दीवार को बनाने के लिए यूक्रेन के अनुभवों का भी इस्तेमाल किया जाएगा, जो पिछले कई सालों से रूसी ड्रोन्स का मुकाबला कर रहा है।

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