वायनाड में मानव-वन्यजीव संघर्ष के लिए सहयोगात्मक समाधान की आवश्यकता : प्रियंका गांधी

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नई दिल्ली (ए.)। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने वायनाड में मानव-वन्यजीव संघर्ष को मंगलवार को एक ‘‘जटिल समस्या’’ बताया, जिसके समाधान के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। प्रियंका गांधी वाद्रा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र वायनाड स्थित मुथांगा वन्यजीव अभयारण्य का इस महीने की शुरुआत में किये गए अपने दौरे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी मुलाकात पशु चिकित्सक डॉ. अरुण जकारिया से हुई, जिनका वन्यजीवन, वन और संबंधित मुद्दों पर ज्ञान अमूल्य है। प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा, उनका और वन अधिकारियों का अनुभव इस क्षेत्र में पशु-मानव संघर्ष को समझने और प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण है। इस प्रयास का एक हिस्सा कुमकी हाथियों को प्रशिक्षित करना और उनका उपयोग करना है जो मानव बस्तियों में घुसने पर जंगली हाथियों को भगा देते हैं। उन्होंने वन अधिकारियों के साथ अपनी बातचीत का एक वीडियो साझा करते हुए कहा, वायनाड में मानव-पशु संघर्ष एक जटिल समस्या है जिसके लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा और व्यावहारिक समाधान ढूंढऩे होंगे।’’ प्रियंका 11 सितंबर से 22 सितंबर तक अपने निर्वाचन क्षेत्र में रहीं।

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