ढाका (आरएनएस)। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने भारत पर सीधा निशाना साधते हुए दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। एक साक्षात्कार में उन्होंने भारत पर फर्जी खबरें फैलाने का गंभीर आरोप लगाया और साथ ही अपने देश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। एक मीडिया संस्थान से बातचीत में यूनुस ने कहा, फिलहाल भारत की सबसे बड़ी खासियतों में से एक फेक न्यूज फैलाना है। जब उनसे बांग्लादेश में हिंदू विरोधी हिंसा पर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ इनकार करते हुए कहा, कोई हिंदू विरोधी हिंसा नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत लगातार अपने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं, की सुरक्षा को लेकर चिंता जताता रहा है।
यूनुस का यह दावा भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा दिसंबर 2024 में जारी किए गए उन आंकड़ों के बिल्कुल विपरीत है, जिनमें बताया गया था कि उस साल बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाकर 2200 से अधिक हमले हुए थे। इतना ही नहीं, बीते साल नवंबर में लगभग 30,000 हिंदुओं ने खुद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के खिलाफ ही सडक़ों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया था।हाल ही में न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान भी यूनुस ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को शरण देने के लिए परोक्ष रूप से भारत की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था, भारत हसीना को शरण दे रहा है, जिन्होंने बांग्लादेश में तमाम समस्याएं पैदा की हैं और इससे दोनों देशों के बीच काफी तनाव पैदा हो गया है। गौरतलब है कि अगस्त 2024 में शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद से ही बांग्लादेश में हिंसा के कई मामले सामने आए थे और तभी से भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में खटास बनी हुई है। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसे ‘बर्बर’ बता चुके हैं।








