ग्वाल पंचायत ने काली माता की मढि़या के स्थान पर 1967 में बनवाया है मंदिर

Join Us

पांच वार्डों के बड़े कार्यक्रम होते हैं ग्वालटोली के माता महाकाली मंदिर में

बलराम शर्मा

नर्मदापुरम। शहर का सबसे बड़ा मोहल्ला ग्वालटोली में प्राचीन कालीमाता का मंदिर प्रसिद्ध स्थान है। यहां पर 5 वार्ड जिनमें 29,30,31,32 और 33 वार्ड में रहने वाले ग्वाल समाज सहित अन्य समाजों के प्रमुख कार्यक्रम होते रहे हैं। पूर्व में यहीं से रामनवमी की शोभायात्रा निकलती थी। इसके अलावा काले महादेव की विशाल पालकी यात्रा निकलने का भी यही स्थान है। रेलवे द्वारा गेट बंद कर दिए जाने के कारण शहर दो भागों में बंट जाने से अब रामनवमी की शोभायात्रा पुराने बस स्टेंड के श्रीराम मंदिर से निकलने लगी है।

मंदिर से जुड़े यादव समाज के समाजसेवी एआर यादव ने बताया कि पूर्व में ग्वाल पंचायत होती थी। जिसके निर्णय सर्वमान्य होते थे। यह पंचायत काली माता की एक मढ़िया थी वहीं पर लगती थी। जहां पर दोनों नवरात्र में महोत्सव मनाये जाते थे। धीरे-धीरे मंदिर निर्माण की चर्चा चली तो ग्वाल समाज के लोगों ने मिलकर 1967 में यहां पर माता महाकाली का मंदिर बनवा दिया। जिसमें हनुमान मंदिर की महंत बड़ी बाई,और स्व. मथुरा प्रसाद महाते का भी विशेष योगदान था। अब उनके परिवार से राम भरोस महाते मंदिर की सेवा में समाज के साथ लगे रहते हैं।

हरदौल मंदिर भी बनवाया

समाज के लोगाें ने काली मंदिर के साथ ही साथ हरदौल बाबा का मंदिर भी पास में बनवाया है। मंदिर परिसर में बड़ा हाल इसलिए तैयार किया गया है कि यहां पर ग्वाल समाज के बड़े-बड़े कार्यक्रम होने के साथ विवाह आदि कार्यक्रम भी होते हैं। इसके अलावा यहां पर भागवत पुराण, देवी पुराण व राम सत्ता आदि के कार्यक्रम भी होते हैं।

नवरात्र में होते हैंं विशेष आयोजन

शारदीय और चैत्रीय नवरात्र में यहां पर विशेष आयोजन होते हैं। शारदीय नवरात्र के दौरान यहां माता महाकाली की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाती है। जवारे रखे जाते हैं। वहीं चैत्र नवरात्र में भी जवारे रखे जाते हैं। जिनकी विशाल शोभायात्रा निकाली जाती है। जिसमें समाज के सभी लोग शामिल होते हैं।

Previous articleयौन शोषण का आरोपी स्वामी चैतन्यानंद आगरा से गिरफ्तार, 17 छात्राओं ने लगाए थे गंभीर आरोप
Next article5 अक्टूबर को होगा शाम-ए-यादगार कार्यक्रम