भोपाल (विलक्षण सक्सेना)। प्रदेश की जनता की समस्याओं का समाधान करने में असफल रही तो अब शिकायतकर्ताओं को ब्लैकमेलर और आदतन शिकायती बताकर डराने तथा उनके नामों की सूची बनवाने का नया तरीका निकाल लिया है। श्री सिंघार ने कहा कि सच्चाई यह है कि पूरे मध्यप्रदेश में सीएम हेल्पलाइन पर हज़ारों शिकायतें अधिकारियों ने बिना समाधान किए जबरन फोर्स क्लोज कर दीं। इस आदेश की आड़ में अधिकारी यही चाहते हैं कि जो जागरूक नागरिक जनता की समस्याओं को लेकर शिकायत करें, उन्हें उल्टा केस में फँसाकर परेशान किया जा सके।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह आदेश लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं पर सीधा प्रहार है। लोकतंत्र में यदि नागरिक अपनी समस्या सरकार को नहीं बताएगा तो किससे कहेगा? असलियत यह है कि अधिकारी-कर्मचारी पैसों और दबाव के चलते शिकायतों पर झूठे जवाब दर्ज कर रहे हैं और उन्हें बंद करवा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं की कुंडली बनाने के बजाय उन अधिकारियों की सूची तैयार की जानी चाहिए जिन्होंने गलत जवाब देकर शिकायतें जबरन फोर्स क्लोज कराईं।
मध्यप्रदेश में ऐसे हज़ारों उदाहरण मौजूद हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मेरी माँग है कि मुख्यमंत्री जी तत्काल इस आदेश को वापस लें। सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए बनी है, न कि शिकायतकर्ताओं को ब्लैकमेलर घोषित करने के लिए।








