सीहोर शुगर फैक्ट्री के पास प्रतिदिन के अनुसार जरीफ अहमद खान एवं धर्मेश मॉर्निंग वॉक पर निकले थे हाईवे पर पैदल पैदल पहुंचते ही तेज रफ्तार से आ रही स्विफ्ट कार क्रमांक एमपी 04 सी जे 4088ने इन दोनों को टक्कर मार दी टक्कर इतनी जोरदार थी की डिवाइडर से टकराने के कारण दोनों बेहद गंभीर रूप से घायल हो गए राहगीरों ने दोनों लोगों को देखा और डायल हंड्रेड को फोन करके घायलों को हमीदिया अस्पताल भोपाल पहुंचाया धर्मेश ने अपनी पत्नी को फोन करके अपने एक्सीडेंट होने की खबर दी और थोड़ी देर बाद वह बेहोश हो गए।
धर्मेश की पत्नी ने कल्पतरु कंपनी के कर्मचारियों को फोन लगाया घटना की सूचना दी सूचना मिलते ही कंपनी के पीआरओ नंदकिशोर सहित अन्य कर्मचारी तुरंत हमीदिया अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने पूरे घटनाक्रम को देखा और पूर्ण सहयोग किया डॉक्टर ने जरीफ खान को मृत घोषित कर दिया जबकि धर्मेश गंभीर रूप से घायल उनको सर में गंभीर चोट आई है हाथ फैक्चर हो गया है उनके परिजन हमिदिया से एम्स अस्पताल रिफर कराकर ले गए इधर हमीदिया में पंचनामा कागजी कार्यवाही पुलिस चौकी प्रभारी श्री चौहान द्वारा की गई और घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस सीहोर को दी गई वहां से भी दो लोगों का स्टाफ हमीदिया चौकी पहुंचा और आगे की प्रक्रिया को अंजाम दिया पोस्टमार्टम के बाद उनके नजदीकी रिश्तेदार को शव सौंप दिया प्राइवेट एंबुलेंस के माध्यम से जरीफ खान को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के ग्राम नदवा खास रवाना किया गया एंबुलेंस भोपाल एयरपोर्ट पहुंची क्योंकि मृतक के भतीजे अदनान खान दिल्ली से उनके शव वाहन के साथ जाने के लिए रवाना होना था फ्लाइट आने के बाद उनके भतीजे अदनान एंबुलेंस फोरसे कंपनी वाहन क्रमांक एमपी 04डीबी 9927 के साथ मृतक के पैतृक गांव रवाना हो गए कंपनी की तरफ से एम्बुलेंस का भुगतान किया गया घटना के संबंध में कल्पतरु कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी नंदकिशोर का कहना है 5 साल पहले जरीब खान साहब सीहोर ट्रांसफर होकर राजस्थान सेआए थे बहुत मिलनसार व्यक्ति थे कंपनी के क्वार्टर में अकेले ही रहते थे और धर्मेश और जरीब साहब प्रतिदिन मॉर्निंग बाक पर साथ निकलते थे लेकिन उन्होंने क्या मालूम था कि मॉर्निंग वॉक के कारण काल में समा जाएगे। घटना प्रातः 5:30 बजे की बताई जा रही है प्रत्यक्ष दर्शी यों के अनुसार जरीफ़ खान की घटना स्थान सीहोर में ही मौत हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देहात डीआईजी राजेश सिंह चंदेल को दी गई उन्होंने सीहोर कोतवाली फोन करके घायलों की मदद करने हेतु पुलिस दल भोपाल भेजा और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जाप्ती में लिया गाया।








