नई दिल्ली (ए.)। केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने अशोकनगर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अब प्रधानपति, सरपंचपति, जिला पंचायत पति और अध्यक्षपति जैसी प्रथाओं को खत्म करना होगा और महिलाओं को अपना हक अपने हाथों में लेना होगा। दरअसल, आज केन्द्रीय मंत्री ने आज बृहस्पतिवार को अशोकनगर में रेवा शक्ति अभियान, हृदय योजना और एकल सेवा पोर्टल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सिंधिया ने महिलाओं को दूसरी पंक्ति में धकेलने वाली इन प्रथाओं की आलोचना की और महिलाओं को उनका असली हक दिलाने के संकल्प का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने महिलाओं को बेटियों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बेटी केवल परिवार की ज़िम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की पहचान है। जब एक बेटी जन्म लेती है तो वह केवल घर का नहीं बल्कि पूरे समाज का भविष्य गढ़ती है।उन्होंने एकल सेवा पोर्टल, हृदय योजना और रेवा शक्ति अभियान से क्षेत्र को मिलने वाले लाभों को भी रेखांकित करते हुए कहा कि यह योजनाएं क्षेत्र में सुशासन की नई सिंधिया ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि हजारों कुपोषित बच्चों और गर्भवती माताओं को सुरक्षित मातृत्व और पोषण सेवाएँ मिल रही हैं। अब तक 2100 से अधिक माताओं का पंजीयन और 2000 बच्चों का कुपोषण प्रबंधन किया गया है। सिंधिया ने कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे और कोई भी बच्चा कुपोषित न हो। उन्होंने कुपोषण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कुपोषण आज भारत में कोई बीमारी नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक व्यवस्था की एक कमी है। इसका सुधार हमें मिलकर करना होगा। एकल सेवा पोर्टल का शुभारंभ करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह डिजिटल पोर्टल नागरिकों को 24&7 सरकारी सेवाओं और योजनाओं तक पारदर्शी व सुरक्षित पहुँच देगा। सिंधिया ने कहा कि इस तकनीकी पहल से आमजन का जीवन और आसान होगा और बेटियों के नाम से खुले खाते और योजनाएँ समय पर लाभ पहुंचाएँगी।
इस पोर्टल से पात्र नागरिकों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचेगा, आवेदन का समय पर निराकरण व स्थिति की जानकारी मिलेगी एवं पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम के दौरान नारी सशक्तिकरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मैंने कई वर्षों से प्रयास किए हैं कि महिलाएं प्रथम पंक्ति में आएं और जब महिलाएं प्रथम पंक्ति में आती हैं, तब भी पुरूष उन पर काबिज होने की कोशिश करते हैं।








