नेपाल सुप्रीम कोर्ट में 60,000 फाइलें जलीं, हथियार लूटे

Join Us

काठमाण्डू,(ए)। नेपाल में सोशल मीडिया के प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ युवाओं का आंदोलन बुधवार को शांत है, लेकिन मंगलवार को प्रदर्शन हिंसा में बदल गया था, जिसमें कई सरकारी संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया गया। काठमांडू में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) यानी सिंह दरबार पिछले 19 घंटे से जल रहा है। यहां की आग बुझाने की अग्निशमन विभाग की कोशिशें नाकाम दिख रही हैं। सुप्रीम कोर्ट में कई विभाग आग में जलने से 60,000 फाइलें जलकर राख हो गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, राणा काल में निर्मित दरबार अभी जल रहा है। दरबार के पश्चिमी हिस्से में आग की लपटे उठ रही हैं। हालांकि, मंत्रालयों की आग बुझ गई है।
यहां 40 से अधिक दमकल गाडिय़ां लगी हैं, लेकिन 3,500 लीटर क्षमता वाली एक गाड़ी का पानी 10 मिनट में खत्म हो रहा है, लेकिन आग नहीं बुझ रही। जेन-जेड प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार दोपहर 3 बजे दरबार को जलाया था। दरबार परिसर में खड़ी सभी गाडिय़ां जल चुकी हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की आग बुधवार सुबह तक नहीं बुझी है। कर्मचारी दमकल गाडिय़ों को भी बुरी तरह असफल बता रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता अर्जुन प्रसाद कोइराला ने कहा कि आग में 60,000 केस फाइलें नष्ट हो गई हैं। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के एनेक्सी में अभी आग नहीं पहुंची हैं, जहां पुराने रिकॉर्ड रखे हैं। उन्होंने बताया कि चौथी मंजिल पर स्थित सुप्रीम कोर्ट के सूचना प्रौद्योगिकी प्रभाग का हिस्सा जल गया है।
नेपाली सेना ने बुधवार को प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया है कि मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान जो हथियार और गोला-बारूद लूटे गए हैं, उन्हें वापस कर दिया जाए अन्यथा उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। सेना ने कहा कि हथियारों के दुरुपयोग से जान-माल की हानि हो सकती है और सुरक्षा एजेंसी की वर्दी का अनाधिकृत रूप से उपयोग न किया जाए। सेना ने रात में 27 लोगों को हिरासत में लेकर 31 हथियार और गोला-बारूद जब्त किया था।
००

Previous articleपूरे देश में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण अक्टूबर से शुरू होगा
Next articleसुशीला कार्की बन सकती हैं अंतरिम प्रधानमंत्री,जनरेशन-जेड के बीच बनी सहमति