सीहोर। सोमवार 1 सितम्बर को प्रांताध्यक्ष रामगोपाल सेन के नेतृत्व में मप्र शासकीय अधिकारी कर्मचारी जनकल्याण संघ का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रालय स्थित मुख्य मंत्री ओर मुख्य सचिव कक्षों में एक ज्ञापन सोपकर राज्य के नियमित ओर सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारीयों को केन्द्र के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता देने की मांग की प्रतिनिधि मंडल में प्रांताध्यक्ष रामगोपाल सेन/उपप्रांताधयक्ष सुधीर उपासनी/महामंत्री एवं जन सेन/किशोर कुमार लोहाना/विवेक साहू/सुरेन्द्र मालवीय उपस्थिति थे।संगठन के प्रांताध्यक्ष रामगोपाल सेन ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि केन्द्रीय शासन द्बारा अधिनियमित मप्र पुनर्गठन अधिनियम 2000की धारा 49मे स्पष्ट उल्लेख से कि31/10/2000तकके सेवानिवृत्त कर्मचारियों के महंगाई भत्ता भुगतान में दोनों राज्यों की सहमति आवश्यक है 1/11/2000के वाद के सेवानिवृत्त अधिकारी कर्मचारी के लिए सहमति की आवश्यकता नहीं है यह बात स्वयं छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने विधानसभा में स्वीकार किया है लेकिन अफसोस है कि मप्र सरकार विला वजह 25वषों से सहमति का झुनझुना वताकर मप्र के पैशनरो को महंगाई भत्ता देने में केन्द्र सरकार द्बारा जारी अधिनियम का उल्लघंन कर रहा है संगठन के प्रांताध्यक्ष रामगोपाल सेन ने ज्ञापन में प्रवेश के पैशनरो को बकाया दो प्रतिशत मंहगाई भत्ते के साथ ही केन्द्र द्बारा घोषित दर से नियमित ओर सेवानिवृत्त लोगों को देने की मांग की हे ओर सहमति का बहाना बनाकर लटकाने की प्रथा को समाप्त करने की मांग की है मांग करनें बालों में संगठन के पदाधिकारियों में बीएम सिंह सिसौदिया/पीके श्रीवास्तव/महेश बगवैया/बहादुर सिंह परमार/सुनील भार्गव/शंकर शर्मा/आर एन मालवीय/बीएस देवड़ा/शशि गुप्ता/योगिता लोधी/सीके श्रीवास्तव/मुकेश सेन/बीके सिंह/दीपक यादव/आदि प्रमुख हैं।








