नोएडा (आरएनएस)। एनसीआर में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 1 सितंबर के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि सुबह और पूर्वाह्न के समय आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने और मध्यम से तेज बारिश की संभावना है।इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। जबकि, न्यूनतम तापमान 23 डिग्री तक रिकॉर्ड किया जा सकता है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले एक हफ्ते तक एनसीआर में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहेगा। 2 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, 3 और 4 सितंबर को गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। 5 और 6 सितंबर को भी बारिश या गरज के साथ छींटे पडऩे के आसार हैं। इन दिनों में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
लगातार हो रही बारिश के चलते एनसीआर का मौसम सुहावना जरूर हो गया है, लेकिन यमुना का जलस्तर लगातार बढऩे से परेशानी भी खड़ी हो रही है। नदी के किनारे और डूब क्षेत्र में रहने वाले लोग बाढ़ जैसे हालात का सामना कर रहे हैं। कई परिवारों को अपने घरों को छोडक़र सडक़ों पर अस्थायी टेंट और झुग्गियां डालकर रहने को मजबूर होना पड़ा है।हाल ही में हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी के कारण यमुना का स्तर और बढ़ गया है, जिससे खतरा भी अधिक बढ़ा है।
भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक, राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश
शिमला (आरएनएस)। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ के हालातों के मद्देनजर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिमला पहुंचते ही एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने मुख्य सचिव से प्रदेश के प्रभावित इलाकों की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए और लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि वे प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें, सतर्क रहें और नदी-नालों के पास जाने से बचें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में सभी लोग सावधानी बरतें और एक-दूसरे की मदद करें। उनका आज कुल्लू जिला जाने का कार्यक्रम था, लेकिन खराब मौसम के कारण उन्हें अपना दौरा रद्द कर चंडीगढ़ से सडक़ मार्ग से शिमला लौटना पड़ा। उन्होंने शनिवार को चंबा और कांगड़ा जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया था।
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