भजलो दादा जी का नाम भजलो हरिहर जी का नाम से गूंज रही नर्मदा नगरी
विशाल धूने में अनूठे हवन से रोमांचित हो रहे हैं हजारों दर्शक, देड़ माह से प्रतिदिन हो रहा विशाल भंडारा
बलराम शर्मा,
नर्मदापुरम। बीते देड़ माह से नर्मदा नगरी में मां नर्मदा और धूनी वाले दादा की असीम कृपा से हेप्पी मेरिज गार्डन में विशेष धार्मिक अनुष्ठान जारी है। जिसके तहत आजीवन नर्मदा परिक्रमावासी संत श्री शिवानंद जी महाराज के माध्यम से गुरूपूर्णिमा पर्व से चातुर्मास में 51 दिवसीय दिव्य धार्मिक आयोजन हो रहा है। इस अनुष्ठान में 5100 नर्मदेश्वर शिवलिंग एवं 11000 रूद्राक्ष का महाभिषेक, बाल भोग प्रसादी, दादा जी के भक्तों का भंडारा, रूद्री महायज्ञ, भोलेनाथ का रूद्री महायज्ञ, 1000 नामों से शिवजी का अर्चन, भगवान सत्यनारायण की कथा, 11000 दीपों से दादा जी की महाआरती, विशाल धूने में फल, मिष्ठान, वस्त्र और स्वर्ण सामग्रियों से हवन हो रहा है। क्षेत्र के व नर्मदापुरमवासियों ने धूने में इस प्रकार का दिव्य हवन पहले कभी नहीं देखा है। धूने के हवन व इस दिव्य दर्शन से दादाजी के भक्तों को लाभ मिल रहा है। इस धार्मक अनुष्ठान की 29 अगस्त को पूर्णाहुति होगी। पहले दिन से यहां पर भजलो दादाजी का नाम भजलो हरिहर जी का नाम का जयघोष हो रहा है।
विप्र समुदाय ने की संत श्रीशिवानंद पर पुष्पवर्षा
गत दिवस नर्मदानगरी के विप्र समुदाय ने सामूहिक रूप से इस अनुष्ठान में शामिल होकर अंखड धूनी व अखंड ज्योति के दिव्य दर्शन करते हुए मां नर्मदा के अनन्य भक्त तथा दादाजी धूने वाले के विशेष कृपापात्र संत श्रीशिवानंद महाराज पर पुष्पवर्षा की। जिसमें शहर के प्रतिष्ठित धर्माचार्यों ने पुष्पमाला से संतजी का सम्मान किया। जिसमें मुख्य रूप से आचार्य पं गोपाल प्रसाद खड्डर पं अखिलेश केशवरे,आचार्य पंडित भालचंद्र खड्डर आचार्य पं सुरेश शर्मा, पं महेश केशवरे आचार्य पं दीनबंधु दुबे आचार्य पं विष्णु आचार्य पं राजेंद्र पुरोहित आचार्य पं अभिलाष शर्मा, आचार्य पं तरूण तिवारी, पं दिनेश तिवारी आचार्य पं हरिओम मिश्रा कथा व्यास आचार्य पं अजय दुबे आचार्य पं सुनील भार्गव पं युवराज दत्त तिवारी पं रविंद्र पांडे पं संजय दुबे पं महेंद्र तिवारी पं पराग शर्मा पं अनुराग शर्मा पं अमित केशवरे पं अतुल केशवरे पं अखिलेश दुबे पंडित प्रणब केशवरे पं सौरभ पालीवाल पंडित अश्विनी शर्मा पं दीपक मुदगल पं पियूष मुदगल, संत राधामुनि, स्वामी सुमेरू, बाबा प्रसाद दास सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।
नए स्थान पर अनुष्ठान
संत शिवानंद महाराज का कहना है कि दादाजी धूने वाले व मां नर्मदा की कृपा से यह अनुष्ठान होता है। उनका कहना है कि नए स्थानों पर आयोजन करते आ रहे हैं। दादाजी धूने वाले की परंपरा के अनुसार ही करीब 100 वर्ष वाद वैसा आयोजन हो रहा है। संत जी ने बताया कि उनके कोई शिष्य नहीं है न ही किसी से कोई चंदा लिया है। न कोई रसीद गड्डी से राशि ली जा रही है। मां नर्मदा और दादाजी की कृपा से आयोजन हो रहा है।
उन्होंने बताया कि दादाजी धूनी वाले के समय में इसी तरह का आयोजन हुआ करता था। दरबार में श्रीषष्ठ दर्शन संत मंडल सनातन तीर्थ ओंकारेश्वर, गणपति हनुमान मंदिर ओंकारेश्वर के अध्यक्ष श्री मंगलदासजी त्यागी पहुंचे।. महंत मंगल दास जी ने कहा कि जो लोग इस आयोजन को लेकर किसी तरह की गलत टिप्पणी कर रहे हैं या महाराज शिवानंद पर शंका व्यक्त कर रहे हैं। उन्हें बता दे की यह आयोजन सनातनी परंपरा दादाजी धूनीवाले की परंपरा के अनुसार ही किया जा रहा है।
कोई ढोंग और पाखंड नहीं
किसी के द्वारा गलतफहमी से शहर में यह बात तेजी से फैल गई थी कि शहर में पांखड हो रहा है। संतजी को ऐसी टिप्पणी ठीक नहीं लगी। इस बात की जानकारी विप्र समुदाय को पता लगने पर उनके द्वारा सामूहिक रूप से जाकर संत जी का सम्मान किया गया। और कहा गया कि यहां पर कोई ढोंग या पाखंड नही वास्तव में अदभुत अनुष्ठान हो रहा है। अनेक विप्रों ने क्षमायाचना भी की।







