ट्रेनों में रिजर्वेशन फुल, रक्षाबंधन पर बहनों के आगे मंडराया कन्फर्म टिकिट का संकट

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ज्यादातर ट्रेनों में रिग्रेट की स्थिति, तत्काल या फिर जनरल टिकिट बना आखिरी सहारा
भोपाल (संदीप पंडा)।
रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है…भाई के हाथों पर राखी बांधने का सपना सजाए बहनों की आंखों में चमक है, पर सफर की राह में टिकट की दीवार खड़ी है। राजधानी भोपाल समेत अन्य राज्यों की राजधानी से चलने वाली ट्रेन में लंबी वेटिंग और नो रूम की स्थिति से आ गई है। त्योहार के पहले ही अधिकांश रेग्युलर ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोच फुल हो चुके है। दरअसल, राखी का त्योहार नौ अगस्त यानी शनिवार को है। रविवार की छुट्टी होने के चलते इस बार राखी पर लोगों का अप डाउन ज्यादा रहेगा। लोग गुरुवार या शुक्रवार की छुट्टी लेकर अपने घरों की ओर रवाना होंगे। गुरुवार शाम और शुक्रवार को रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न शहरों की तरफ जाने वाली ट्रेनों में ज्यादा मारामारी रहेगी। राजधानी से विभिन्न राज्यों की तरफ जाने वाली ट्रेन में सात और आठ अगस्त को किसी भी ट्रेन में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों को अब तत्काल टिकट और स्पेशल ट्रेनों से उम्मीद है। आठ अगस्त की ट्रेन में तत्काल टिकट के लिए सात अगस्त को बुकिंग शुरू होगी। जो यात्री अब तक अपनी सीट बुक नहीं करा पाए, उन्हें तत्काल सेवा से कंफर्म टिकट मिलने की उम्मीद है। जबकि कई यात्री स्पेशल ट्रेन शुरु होने का भी इंतजार कर रहे है।
हाल ही में भारतीय रेलवे के बदले हुए नियमों के चलते कोई भी यात्री वेटिंग टिकट पर यात्रा नहीं कर सकेगा। रेलवे ने स्लीपर में उपलब्ध सीटों का 40 और एसी में 60 प्रतिशत वेटिंग लिस्ट के टिकट जारी करने का नियम बनाया है। इस नियम के चलते यात्रियों को ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी नहीं मिल पा रहा है। उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत राजधानी दिल्ली से उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बिहार के पटना, महाराष्ट्र के पुणे-मुबई, मध्यप्रदेश के इंदौर-भोपाल, छत्तीसगढ़ के रायपुर, राजस्थान के जयपुर और दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को हो रही है। क्योंकि इन राज्यों की ओर जाने वाली अधिकांश रेगुलर ट्रेन फुल हो चुकी है। ज्यादातर ट्रेनों में रिग्रेट की स्थिति आ गई है। ऐसी स्थिति जाने में नहीं है,बल्कि वापसी के दौरान भी दिखाई दे र ही है। हालांकि लंबी दूरी वाली कुछ प्रीमियम और महंगे किराए वाली ट्रेनों में टिकट इक्के दुक्के ही मिल रहे हैं, लेकिन डायनेमिक फेर लगने के चलते इनका किराया ज्यादा हो रहा है।
रेलवे के विभिन्न जोन हर साल रक्षाबंधन पर स्पेशल ट्रेनों की घोषणा करते है। इसी तरह उत्तर रेलवे भी राजधानी से विभिन्न शहरों के लिए कई स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा करते आया है। रेलवे इसकी जानकारी यात्रियों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों देता है। ताकि घोषणा होते ही यात्री इन स्पेशल ट्रेनों में कंफर्म टिकट ले सके। लेकिन अब तक उत्तर रेलवे की तरफ से कोई भी स्पेशल ट्रेन की घोषणा नहीं की गई है। उत्तर रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि रक्षाबंधन पर बढ़ती यात्रियों की डिमांड को देखते हुए रूट प्लानिंग की जा रही है। जल्द ही यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनों का टाइम टेबल जारी कर दिया जाएगा। राजधानी भोपाल एवं इंदौर से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या काफी अधिक है। इन्हीं क्षेत्रों की मांग को ध्यान में रखते हुए विशेष ट्रेनों के संचालन की योजना पर काम चल रहा है। रेलवे का कहना है कि स्पेशल ट्रेनों के अलावा रेगुलर गाडिय़ों में अतिरिक्त कोच जोडऩे की भी प्लानिंग की जा रही है। इससे उन यात्रियों को राहत मिलेगी जो पहले बुकिंग नहीं करवा पाए है या जिनका टिकट वेटिंग में है। रक्षाबंधन बड़ा त्यौहार है। बड़ी संख्या में महिलाएं इस दिन ट्रेनों में अकेले यात्रा करती हैं, इसलिए हमारी कोशिश है कि उन्हें पूरी सुरक्षा व सहयोग मिले। इसलिए स्टेशनों और ट्रेनों में मेरी सहेली टीम विशेष रूप से मौजूद रहेगी।

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