भोपाल (आरएनएस)। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक दलित युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने एक बार फिर प्रदेश को झकझोर दिया है। पांच बदमाशों द्वारा चुरहट के जंगल में युवती के साथ किया गया यह शर्मनाक कृत्य मानवता को कलंकित करता है और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की भयावह स्थिति को उजागर करता है।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस अमानवीय घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा बीते तीन वर्षों में ही मध्य प्रदेश में 7,418 दलित और आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार, 338 गैंगरेप और 558 हत्याओं की घटनाएं दर्ज हुई हैं। औसतन हर दिन 7 दलित/आदिवासी बेटियां इस क्रूरता का शिकार हो रही हैं। यह आंकड़े ही भाजपा सरकार की विफलता को प्रमाणित करते हैं।उन्होंने कहा कि सत्ता की निष्क्रियता, अपराधियों के बढ़ते हौसले और पीडि़तों को न्याय न मिलने के कारण दलित, आदिवासी और महिला उत्पीडऩ की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पटवारी ने कहा देवास में दलित युवती के साथ बलात्कार के बाद निर्ममता से हमला हुआ। भिंड समेत कई जिलों में दलित बेटियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म और जिंदा जलाने जैसी अमानवीय घटनाएं हुईं। नरसिंहपुर में गैंगरेप की एफआईआर दर्ज नहीं करने पर दलित महिला ने आत्महत्या कर ली।उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और गृहमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि आखिर कब तक प्रदेश की बेटियां असुरक्षित रहेंगी और पुलिस-प्रशासन कब जागेगा?प्रदेश कांग्रेस की यह स्पष्ट मांग है कि -सीधी गैंगरेप के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।
पीडि़ता और उसके परिवार को हर संभव सुरक्षा और मुआवजा प्रदान किया जाए।दलित, आदिवासी और महिला सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और कानून का राज स्थापित किया जाए। पटवारी ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में जनआंदोलन करेगी।








