अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी किया

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 राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर किए हस्ताक्षर
वॉशिंगटन (ए.)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाने का कार्यकारी आदेश हस्ताक्षर कर दिए। अमेरिका की तरफ से कहा गया कि यह फैसला भारत द्वारा रूस से लगातार तेल खरीदने के जवाब में लगाया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अब 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत द्वारा लगातार रूस से खरीदे जा रहे तेल के जवाब में यह 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ गया है। ट्रंप ने इस टैरिफ को लगाने के एक कार्यकारी आदेश पर बुधवार को हस्ताक्षर किए। प्रारंभिक शुल्क 7 अगस्त से प्रभावी होगा, जबकि अतिरिक्त शुल्क 21 दिनों के बाद लागू होगा।
ट्रंप ने अपने प्रारंभिक टैरिफ लागू होने से 14 घंटे से भी कम समय पहले अतिरिक्त टैरिफ लगाने संबंधी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। 30 जुलाई को ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी टैरिफ लगाने का एलान किया था, जो 7 अगस्त से प्रभावी है। वहीं, अतिरिक्त टैरिफ 21 दिन बाद यानी 27 अगस्त से प्रभावी होगा। ट्रंप पिछले दिनों कई बार यह बात दोहारा चुके हैं कि भारत, रूस से तेल खरीदता है और ऐसा करके वह यूक्रेन युद्ध को भडक़ाने में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मदद कर रहा है। एक दिन पहले भी उन्होंने 24 घंटे के भीतर भारत पर बहुत अधिक टैरिफ लगाने की बात कही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जिस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं उसके अनुसार, 8 मार्च 2022 को रूस पर यूक्रेन पर हमला करने के चलते कुछ आयात और निवेशों पर प्रतिबंध लगाया गया था। 15 अप्रैल, 2021 को भी अमेरिका ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया था। इस आदेश के तहत रूस से कच्चे तेल, पेट्रोलियम और पेट्रोलियम ईंधन, तेल और उनसे जुड़े उत्पादों का अमेरिका में आयात बैन था। ट्रंप ने दूसरे आदेश के तहत ही भारत पर टैरिफ लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं।

ट्रंप ने आज के आदेश में क्या लिखा?
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा हस्ताक्षर किए गए कार्यकारी आदेश में कहा गया है, मुझे यह ज्ञात हुआ है कि भारत सरकार वर्तमान में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूस संघ से तेल का आयात कर रही है। लागू कानूनों के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका के कस्टम क्षेत्र में भारत से आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत की अतिरिक्त दर से शुल्क लगाया जाएगा। इस आदेश की धारा 3 के अधीन यह शुल्क उन वस्तुओं पर लागू होगा जो उपभोग के लिए अमेरिका में प्रवेश करती हैं, या गोदाम से उपभोग के लिए निकाली जाती हैं। यह अतिरिक्त शुल्क 21 दिन बाद यानी 27 अगस्त 2025 से लागू होगा। हालांकि, यह अपवाद उन वस्तुओं पर लागू होगा। जिन्हें बंदरगाह से एक पोत पर लादा गया हो और जो अंतिम ट्रांजिट मोड में 21 दिनों के भीतर अमेरिका में प्रवेश कर चुकी हों। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने वाणिज्य मंत्री को यह पता लगाने का काम सौंपा है कि क्या बाकी देश प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूसी तेल खरीद रहे हैं। ट्रंप ने इन देशों पर भी दंडात्मक शुल्क लगाने की धमकी दी है।

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