अजाक्स संघ के चुनाव को प्रदेश कार्यालय ने वैध करार दिया

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रविशंकर बाल्मीक को जिलाध्यक्ष के रूप में चुने जाने पर हुआ था विरोध

पूर्व अध्यक्ष एनआर हरियाले पर लगाए आरोप निराधार साबित हुए

नर्मदापुरम। पिछले दिनों अनुसूचित जाति.जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ अजाक्स के चुनाव संपन्न हुए थे। चुनाव में चुनाव अधिकारी द्वारा घोषणा कर रविशंकर बाल्मिक को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया गया था। जिनका जुलूश भी निकाला। उसके बाद चुनाव को लेकर विरोध के स्वर मुखरित हुए। यहां तक की पूर्व अध्यक्ष व अजाक्स के प्रति समर्पित रहने वाले एनआर हरियाले पर चुनाव अधिकारी पर दबाव डालने के आरोप भी लगाए गए थे। साथ ही चुनाव अधिकारी ने इस संबंध में शिकायत करने का क्रम शुरू किया। यहां तक कि प्रदेश कार्यालय में भी चुनाव को लेकर शिकायत की गई। लेकिन प्रदेश कार्यालय ने पूरे चुनाव की जानकारी प्राप्त करने के बाद अजाक्स संघ के चुनाव को वैध करार दिया। साथ ही रविशंकर बाल्मीक को ही जिलाध्यक्ष की मान्यता मिल गई है।

अजाक्स संघ प्रदेश कार्यालय से जो पत्र जारी हुआ है उसमें भगवत पठारिया मुख्य निर्वाचन अधिकारी के संदर्भित आवेदन के अनुक्रम में लिखा गया कि सहायक निर्वाचन अधीकारी रंजीतसिंह टाक एवं पर्यवेक्षक अधीकारी कमलेश कटारे द्वारा आपके आवेदन को कुटरचित षड़यंत्र पूर्वक तैयार कर नियम विरूद्ध पूनः मतगणना की मांग को निराधार एवं असत्य बताये हैं।

अजाक्स संघ के प्रत्याशी श्री उपारिया द्वारा कुछ मतपत्र निरस्त करने की आपत्ति मो. द्वारा सूचित करने पर तत्काल प्रांतीय महासचिव द्वारा आपसे मोबाईल से पुछा गया यदि कोई आपत्ती है तो निष्पक्ष निराकरण करें इस पर आपके द्वारा बताया गया कि मतपत्र सही है केवल इंक अधिक लगी है ऐसा दोनों के मतपत्र में हुआ है। इस कारण दोनों के ही मत वैध मान रहे है पुनः गणना का आवेदन आने पर पुनः गणना करूंगा यह भी बताया की कोई आवेदन प्राप्त नही हुआ आपसे यह भी कहाँ गया कि पूर्नमतगणना कर निष्पक्ष कार्य करे इस पर आपके द्वारा कहा गया की आपत्ती दर्ज किए गये मत.पत्र सही है इस कारण गणना में शामिल कर रहा हुँ। किसी भी दबाव के संबंध में नहीं बताया तत्पश्चात दूसरे दिन पुनः गणना का आवेदन देना उचित नहीं है।

आपके द्वारा प्रत्याशियों को मिले मतपत्रों की घोषणा की गई तथा मतगणना के निर्णय के पत्रक प्रत्याशियों को सौपकर निर्चाचीत घोषित किया गया। कोई आपत्ती तथा दबाव का नहीं बताया गया तत्पश्चात दूसरे दिन पुनः गणना का आवेदन देना उचित नहीं है।

आपकी सभी कार्यवाही में सहायक निर्वाचन अधीकारी सम्मलित रहे किन्तु पुनः मतगणना आवेदन वे दोनों शामिल नही होने से आपका पुनः गणना का आवेदन देना उचित नहीं है।

मतगणना समाप्त होने के पश्चात् मतदान सामग्री नियमानुसार सील बंद नही की गई ना ही दोनों पक्षों के समक्ष दरवाजों का ताला भी सील बंद नहीं किया गया इस कारण मतपत्रों की प्रमाणिकता तथा गोपनियता से छेड छाड हाेने के संदेह के कारण पुनः गणना की मांग नियमानुसार मान्य नहीं है।

अतः उपरोक्त बिन्दुओं के अनुक्रम आपका पुनः गणना आवेदन का अमान्य किया जाता है। जिससे अपने आप ही सिद्ध हो गया कि प्रदेश कार्यालय ने चुनाव को सही ठहराया है।

पूर्व अध्यक्ष एन आर हरियाले का इस संबंध में यही कथन है कि प्रदेश कार्यालय द्वारा चुनाव को उचित ठहराया गया है। उन पर दबाव के आरोप निराधार थे। चुनाव पूरी तरह निश्पक्ष रहे।

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