समरसता सेवा संगठन ने किया चौरसिया दिवस (नाग पंचमी) पर संगोष्ठी एवं पौधारोपण का आयोजन
जबलपुर। समरसता सेवा संगठन द्वारा “चौरसिया दिवस (नाग पंचमी)” के अवसर पर चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के रजिस्टार डॉ पुष्पराज बघेल के मुख्य आतिथ्य, श्रीमती देवश्वरी मोदी, नामदेव युवा विकास परिषद के राष्ट्रीय सचिव और नामदेव समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री अशोक नामदेव, वरिष्ठ समाजसेवी, श्री प्रकाश चौरसिया के विशिष्टआतिथ्य, एवं समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन, सचिव श्री उज्जवल पचौरी की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन अग्रवाल धर्मशाला, साकेत धाम के पास, ग्वारीघाट में किया गया। इस अवसर पर संस्कारधानी समरसता कजलियां महोत्सव हेतु पात्रों का वितरण भी किया गया। इन पात्रो में क़ज़ालिया का रोपण किया जायेगा जिसे सर्व समाज के लोग 10 अगस्त को हनुमानताल में आयोजित कजलिया महोत्सव में लेकर आएंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ पुष्पराज बघेल ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा समाजिक समरसता की आज अत्यंत आवश्यकता है क्योंकि देश में मनुष्य को मनुष्य से अलग करने का एक षड़यंत्र वर्षो से हो रहा है और इस षड़यंत्र को रोकने का सबसे अच्छा माध्यम समरस समाज की स्थापना करना है और यह कार्य समरसता सेवा संगठन सभी को साथ लेकर कर रहा है।
उन्होंने कहा समरसता सेवा संगठन द्वारा पर्यावरण के संरक्षण के लिए भी पौधारोपण का कार्य प्रारम्भ किया गया है और न सिर्फ पौधारोपण करने का संकल्प बल्कि पौधों को संरक्षित करने का संकल्प भी संगठन ने लिया है यह अभिनंदनीय और अनुकरणीय कार्य है क्योंकि पर्यावरण का संरक्षण सबसे आज सबसे अधिक आवश्यक है और इसके लिए पौधारोपण का कार्य सैकड़ो संगठन करते है और प्रतिवर्ष लाखो पौधों को लगाने का कार्य होता भी है पर कितने पौधे इनमे पल्ल्वीत हो पाते है और कितनो का संरक्षण हो पाता है।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती देवश्वरी मोदी ने संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा हम माँ नर्मदा के किनारे ऋषि चोऋषि कि जयंती के अवसर पर चौरसिया दिवस को मना रहे है और हम देखेंगे कि नर्मदा की तरह जितनी भी प्रवाहमान नदियाँ है वह हजारों लाखो वर्षो से समरस भाव से बह रही है और उनके इस समरस भाव से हमें सीखना होगा। हमें समरसता के भाव के साथ ही हमें पंचामृत को अपने जीवन में अपनाना होगा। जिसमे प्रकृति का संरक्षण, नदियों का संरक्षण, पर्यावरण का संतुलन, मातृ शक्ति के विचारों को दृण करना, बच्चों को संस्कारो से शिक्षित करना और अच्छे कार्यों में सहभागी बनाना।
समरसता सेवा संगठन के अध्यक्ष श्री संदीप जैन ने कार्यक्रम कि प्रस्तावना सब सबको जाने और सब सबको माने ऊंच नींच छोटे बड़े का भेद खत्म होगा तब समाज समरस होगा और देश समर्थ होगा और विश्व गुरु बनने की ओर देश अग्रसर होगा।
उन्होने कहा प्रकृति के प्रति हमारी जबाबदारी है क्योंकि प्रकृति हमें सब कुछ देती है और तब हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम भी प्रकृति को कुछ दे और प्रकृति को अपनी ओर से हम वृक्ष रोपित कर हम प्रकृति के संरक्षण में अपना योगदान दे सकते है। हमने संगठन के प्रथम कैलेंडर में हमने महापुरुषों कि जयंती पर समाज में विशिष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठ समाजसेवीयों का सम्मान किया हमने अपने दूसरे वर्ष में समाज के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित करने का कार्य किया और संगठन ने अपने तृतीय वर्ष में तय किया कि महापुरुषों और अपने आराध्य कि जन्म जयंती पर अपने आराध्य को याद करते हुए एक पौधा लगाएँगे इसके लिए समरसता सेवा संगठन द्वारा पौधे उपलब्ध कराये जायेंगे और आग्रह इतना रहेगा कि उस पौधे को संरक्षित करते हुए एक वर्ष तक पल्ल्वीत करें और जो भी इन पौधों को पल्ल्वीत करेगा उन्हें समाज के बीच सम्मानित किया जायेगा।
वरिष्ठ समाजसेवी श्री प्रकाश चौरसिया ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
सभी ने मिलकर रोंपा पौधा :- चौरसिया दिवस पर आयोजित संगोष्ठी के उपरांत अतिथियों के साथ उपस्थित जनों ने अग्रवाल धर्मशाला के सामने उद्यान में लाल चंदन का पौधा रोंपा।
कार्यक्रम का संचालन धीरज अग्रवाल एवं आभार सचिव उज्जवल पचौरी ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर पं रोहित दुबे, भगवादास चौरसिया, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, राहुल चौरसिया, डॉ अभिजात कृष्ण त्रिपाठी, कुसुम चौबे, रवि पटेल, सुरेश विचित्र, आशीष काल्वे, अमरेंद्र श्रीवास्तव, निर्मल पटेल प्रीति गुप्ता, वनिता मालवीय, अभिमन्यु जैन, अखिलेश दीक्षित, श्रीमती नीतू दुबे, संतोष झारिया, बलराम पटेल, सिद्धांत पाठक उपस्थित थे।








