ग्राम सेवनिया में कृषि वैज्ञानिकों ने कृषकों को सिखाए मिट्टी परी क्षण के सरल गुर
सीहोर।26″ जुलाई।खेत की मिट्टी की सेहत सुधरेगी तो किसान की माली हालत में भी सुधार होगा। रासायनिक खाद कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से खेत की मिट्टी की सेहत बिगड़ चुकी है,जिससे जलधारण क्षमता में कमी के साथ उपज की पौष्टिकता,स्वाद में भी कमी आ रही है।मिट्टी को बचाने की महती जरूरत है। यह उद्गार ग्राम सेवनिया पंचायत भवन में आयोजित कार्यशाला में कृषि वैज्ञानिक शेखर साराभाई ने व्यक्त किए।इस दौरान मृदा विशेषज्ञ संध्यावर्मा ने कृषकों को मिट्टी परीक्षण के साथ फसल की उर्वकता बढ़ाने के सहज गुर सिखाए।सरपंच राजेश विश्वकर्मा ने मां सरस्वती के चित्र पर मल्यापर्ण कर एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया अतिथियों का मल्यापर्ण कर व शाल श्रीफल से स्वागत संस्था के अध्यक्ष रामनारायण श्रीवास ने किया।इस मौके पर श्रीमति वर्मा ने मिट्टी की महत्ता पर प्रस्तुत गीत को कृषकों ने सराहा। म.प्र.विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी परिषद के सहयोग से प्रेम बसंत एजुकेशन एण्ड वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संस्था के सचिव संतोषसिंह ने स्वागत भाषण दिया।ग्राम के उन्नत क्रषक प्रहलाद वर्मा(भगतजी) ने जैविक क्रषि विषयक अपने अनुभवों को साझा करते हुए किसानों को लड्डू खाद,जीवामृत,जैविक कीटनाशक दशपर्णी,अग्नि शस्त्र,चार चटनी के विषय में उपयोगी जानकारी दी।इस दौरान वैज्ञानिकों ने प्रोजेक्टर के जरिए उन्नतक्रषि के गुर सिखाए एवं मौसम एवं मिट्टी के अनुरूप फसल बुवाई विषयक जानकारी दी।कार्यक्रम में सचिव कमलेश मेवाड़ा,जी.पी यादव सहित जागरूक क्रषक मौजूद रहे।संचालन कमल भंडारी ने किया एवं आभार अनीता श्रीवास ने माना पंचायत भवन प्रांगण में इस मौके पर पौधरोपण किया गया।स्नेह भोज एवं प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।महिलाओं सहित ग्रामिणों ने कार्यक्रम में बढ़़चढ़ कर भागीदारी की।








