नई दिल्ली,(ए)। संसद के मॉनसून सत्र के चौथे दिन बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष का विरोध तेज हो गया। संसद की कार्यवाही शुरु होने से पहले गुरुवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन परिसर में एकजुट होकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार पर एकजुट हुए और हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं। प्रियंका गांधी ने लोकतंत्र खतरे में है, लिखा पोस्टर लहराया और कहा, जब भी विपक्ष बोलना चाहता है, उन्हें रोका जाता है। हम केवल चर्चा की मांग कर रहे हैं।कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, यह लड़ाई अभी जारी रहेगी। हमें भरोसा है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम करेगा और किसी भी मतदाता को वंचित नहीं किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस के सुखजिंदर सिंह रंधावा ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, अब यह आयोग नहीं बल्कि भाजपा का कार्यालय बन गया है।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने केंद्र पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, अगर चुनाव आयोग बांग्लादेश के चुनाव आयोग जैसा व्यवहार करेगा तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। अगर सरकार बिहारियों को बेदखल करने की साजिश रच रही है तो यह आग से खेलने जैसा है।
विपक्षी दलों का कहना है कि बिहार में चल रहा एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इससे मतदाता सूची में गड़बड़ी की आशंका है। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मांग की है कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराए। प्रदर्शन के दौरान नारे लगा रहे विपक्षी सांसदों ने अपने हाथों में तख्तियां ले रखीं थीं। विपक्ष एसआईआर को तत्काल रोके जाने की मांग कर रहा है। विपक्ष के प्रदर्शन में सोनिया गांधी की उपस्थिति को लेकर भी चर्चाएं गर्म हो गई हैं, कहा जा रहा है कि विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर संसद के अंदर और बाहर दोनों ही जगह मजबूती के साथ अपनी बात रखने को पूरी तरह तैयारी है। कुल मिलाकार प्रदर्शन में सोनिया गांधी की उपस्थिति विपक्ष के रुख को और मजबूती देने के संकेत के रूप में देखी जा रही है।








