पिछले बार 73 करोड़ इस बार 82 करोड़ श्रद्धालुओं ने किया पार्थिव शिव लिंग निर्माण और पूजन
एक बार फिर बना विश्व रिकार्ड कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर, शुभ मुहूर्त में घर-घर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण, देश ही नहीं दुनिया के समस्त सनातन धर्म के मनाने वालों ने की पूजा अर्चना
सीहोर (संदीप पंडा )। कलियुग को शिव युग में परिवर्तित करने वाले और सनातन धर्म को जन-जन तक पहुंचाने वाले अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने सावन की शिवरात्रि पर देश ही नहीं पूरी दुनिया के भक्तों को आन लाइन पार्थिव शिवलिंग की पूजन-अर्चना कर स्वयं अपने विश्व रिकार्ड को तोड़ दिया है। श्री शिवय नमस्तुभ, हर हर महादेव… जय शिव शंकर… के जयकारे गूंज रहे थे। चारो तरफ भक्तिमय माहौल बना हुआ था। भक्तों ने घर-घर में पार्थिव शिवलिंग की पूजा-अर्चना की। बुधवार को सुबह से ही सीहोर जिले ही नहीं पूरे देश के कोने-कोने में पूजन सामग्री की दुकानें लगी हुई थी। कुबेरेश्वरधाम पर आयोजित आन लाइन अभिषेक में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं शामिल थे, वहीं देश के कोने-कोने में एक घंटे तक लोगों ने विधि-पूर्वक शिव की उपासना की।
बुधवार की रात्रि सात बजे से बारह ज्योर्तिलिंग के केन्द्र बिन्दू माने जाने वाले कुबेरेश्वरधाम से पूरे देश के घरों पर श्री शिवय नमस्तुभ के अलावा अन्य शिव मंत्रों के साथ पूजा अर्चना की थी, अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित श्री मिश्रा आनलाइन अभिषेक कर रहे थे और इसका प्रसारण विश्व के कोने-कोने पर किया जा रहा था। इस मौके पर रात सात बजे से अत्यंत शुभ मुहूर्त में घरों में पार्थिव शिवलिंग बनाकर उनका रुद्राभिषेक करने से काफी फायदे होते है। घर में सुख शांति के साथ वैभव बना रहता है। उन्होंने कहा कि माता पार्वती और मां गंगा दोनों ही भगवान शिव के चरण छू रही है। जिससे इस साल सावन की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। साथ ही सामूहिक रूप से पूजा करने से तत्काल फल मिलता है। उन्होंने कहा कि, कोविड के दौरान आस्था के साथ भव्य आयोजन किया गया था, देश ही नहीं विश्व में भी श्रद्धालुओं के द्वारा करोड़ों पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर पूजन किया गया था। इस बार और अधिक उत्साह दिखाई दे दिया। गत वर्ष 73 करोड़ श्रद्धालु इस अनुष्ठान में शामिल हुए थे, लेकिन इस वर्ष 82 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आन लाइन पूजन प्रक्रिया से जुडे रहे।








