
भोपाल (संदीप पंडा)। राजधानी के कैलाश नाथ काटजू जहां दूर दूर से कई महिला मरीज आती है जिसमें से ज्यादातर महिला गर्भवती महिला होती है लेकिन कैलाश नाथ काटजू में उन महिलाओं को एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है हमारे संवादाता जब अस्पताल पहुंचे तो वहां ज्यादातर मरीज व उनके परिजन ऑनलाईन ओपीडी टोकन सुविधा से दो चार होते नजर आये। हमारे द्वारा जब एक महिला मरीज से बात चीत की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि अस्पताल में ओपीडी के लिये ऑनलाईन टोकन जनरेट करने को कहा जा रहा है लेकिन उसे कैसे जनरेट करना है उसका क्या प्रोसेस है यहां कोई भी बताने वाला नहीं है और जो काउंटर में पर्चा बना रहे है वह बात तक नहीं करते है हमें मोबाइल के बारे में इतनी जानकारी भी नहीं है मैं बहुत परेशान हो रही हूं, इसी तरह हमारे संवाददाता द्वारा एक और गर्भवती महिला से जानकारी ली गई तो वह भी इस सुविधा को अनुचित बताने लगीं उनके द्वारा बताया गया कि मेरे पास कीपैड मोबाइल है लेकिन ऑनलाईन टोकन के लिये एंड्रॉइड मोबाइल की आवश्यकता पडती है ऑफलाईन पर्चा बनाने के लिये काउंटर पर कहों तो उनके द्वारा घर में किसी और के मोबाइल से टोकन जनरेट करने को कहा जाता है लेकिन घर पर सुबह सब अपने काम पर चले जाते है, जिससे मुझे बहुत परेशानी हो रही है। अस्पताल में कुछ ऐसी भी गर्भवती महिलाएं थी जिनके पास मोबाइल ही नहीं था। साथ ही मरीज व उनके परिजनों द्वारा बताया गया कि पर्चा बनाने वाले कर्मचारियों द्वारा बेहद अपमानजनक तरीके से बात की जाती है किसी भी प्रकार की कोई जानकारी मांगी जाती है तो उसका भी जवाब नहीं दिया जाता है। अस्पताल में इस तरह की बेइंतजामी अस्पताल प्रबंधन पर एक सवालिया निशान लगाता है चूंकि कैलाशनाथ काटजू जो कि विशेष रूप से महिलाओं के लिसे बनाया गया है जहां ज्यादातर गर्भवती महिलाएं अपना इलाज कराने आती है, जिसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को आवश्यकता है कि एक सहायता प्रतिनिधि को वहां नियुक्त किया जाये। जिससे मरीज अपना ऑनलाईन टोकन सुविधा पूर्वक जनरेट कर सकें साथ ही ऑफलाईन पर्चा बनाने की सुविधा भी सुचारू रूप से जारी रखना चाहिए जिससे उन महिलाओं को सुविधा हो सके जिनके पास एंड्रॉइड मोबाइल या फिर मोबाइल नहीं है।








