लद्दाख विश्वविद्यालय एक ज्ञान केंद्र के रूप में कर रहा कार्य : सांसद दर्शन सिंह चौधरी
नर्मदापुरम ।भोपाल। संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल मामलों की 16 सदस्यीय स्थायी समिति ने अध्ययन दौरे के दौरान
शुक्रवार को लेह, लद्दाख स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव (HIAL) का निरीक्षण किया। अध्ययन दौरे में सम्मिलित सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि लेह, लद्दाख के ड्रुक पद्मा कार्पो स्कूल में प्रधानाचार्य और छात्रों ने पारंपरिक खटकों और स्वागत गीत के साथ शिक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति का स्वागत किया। स्कूल के प्रधानाचार्य मिंग्युर अंग्मो ने स्कूल और ड्रुकपा वंश के बारे में संक्षिप्त परिचय दिया। जिसके पश्चात संसदीय स्थायी समिति तारू थांग स्थित लद्दाख विश्वविद्यालय का दौरा किया। जहां लद्दाख विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर साकेत कुशवाहा ने संसदीय स्थायी समिति के समक्ष विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, चुनौतियों और अन्य पहलुओं के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी। श्री चौधरी ने बताया कि लद्दाख विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान ही नहीं, बल्कि परिवर्तन का एक गतिशील माध्यम है। हमारी प्रतिबद्धता एक ऐसा शैक्षिक परिवेश निर्मित करने की है जो लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं का सच्चा प्रतिनिधित्व करे इस क्षेत्र के समृद्ध स्वदेशी ज्ञान, पर्यावरणीय स्थिरता, नवाचार और रोजगार-केन्द्रित शिक्षा को एकीकृत करते हुए। लद्दाख सतत जीवन, पारंपरिक चिकित्सा, कृषि और स्थानीय शासन के क्षेत्र में सदियों पुराने ज्ञान का केंद्र रहा है। हालांकि, आधुनिक शिक्षा प्रणाली अक्सर इन आवश्यक शिक्षाओं को समाहित करने में विफल रहती है, जिससे शैक्षणिक ज्ञान और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोग के बीच एक खाई बन जाती है। इसके कारण हमारे युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर सीमित हो गए हैं, जिससे कई युवाओं को नौकरी की तलाश में पलायन करना पड़ रहा है।
लद्दाख विश्वविद्यालय स्वदेशी ज्ञान को मुख्यधारा की शिक्षा में शामिल करके इस अंतर को पाटने का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहा है और साथ ही छात्रों को 21वीं सदी के कौशल से लैस है। जो उद्यमशीलता की सोच, समस्या-समाधान और आधुनिक तकनीक को लद्दाख की पारंपरिक शक्तियों के साथ एकीकृत करके एक आत्मनिर्भर और नवाचार-संचालित पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है। इसके साथ ही लद्दाख के भूभाग के लिए उपयुक्त उच्च-ऊंचाई वाली खेती, जैविक उत्पादन और आधुनिक सिंचाई तकनीकों पर अनुसंधान को बढ़ावा देते हुए लद्दाख विश्वविद्यालय एक ज्ञान केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है।







