नर्मदापुरम l गौ माता जिसके मल से भोजन पकाया जाता है जिसके मल से घर आंगन की लिपाई की जाती है जिसके दूध से अभिषेक पूजन किया जाता है जिसके मल से खाद बनाकर फसल को उपजाऊ बनाया जाता हैl उसकी मृत्यु के उपरांत उसे फेंक दिया जाता है अगर हिंदू संस्कृति एवं संस्कार को जीवित रखना है तो सरकार को निर्णय लेकर गौ माता की मृत्यु उपरांतअंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए पहल करना चाहिए l
उक्त उद्गार व्यक्त करते हुए सामाजिक समरसता राष्ट्रीय एकता मंच के अध्यक्ष अरुण दीक्षित ने कहा कि चील ,कौवे, कुत्ते गौ मास को लोचते हुए उसका भषण करते हैं रहते हैं और गौ माता को पूजनीय मानने वाले बाजू से निकल जाते है देशवासियों के लिए एक विचारणीय प्रश्न होना चाहिए कि गौ माता का करोड़ों रुपए का मांस निर्यात किया जाता है एवं हम और आप सरकार के निर्णय की ओर मुखातिब रहते हैं। सरकार को चाहिए कि दिए गए सुझाव पर शीघ्र निर्णय लिया जाए अगर सरकार इस निर्णय को उचित नहीं समझती तो सामाजिक संगठनों को आगे आकर पहल करना चाहिए।







