शिक्षा की दिशा यदि सही है तो वहीं विद्यार्थी भारत का भविष्य बन जाते है-पं.मोहितरामजी

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सीहोर। शिक्षा की दिशा यदि सही है तो वहीं विद्यार्थी भारत का भविष्य बन जाते है। वहीं शिक्षा यदि गलत रास्ते पर जाती है तो मार्ग से भटका देती है, इसलिए हमें शिक्षा के साथ-साथ उस दीक्षा उस गुरु तत्व की आवश्यकता है जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते है। आज ब्ल्यू बर्ड स्कूल परिसर में छात्र-छात्राओं के बीच संत कथा व्यास परम गौभक्त भक्त पंडित मोहितरामजी पाठक का आगमन हुआ। जिन्होंने श्री माधव महाकाल आरोग्य आश्रम सैकड़ाखेड़ी रोड सीहोर पर आगामी 10 जुलाई 2025, दिन गुरुवार को आयोजित होने वाले  गुरु पूर्णिमा अमृत महोत्सव व्यास पूजन के विषय में ब्लू बर्ड स्कूल के सैकड़ो बच्चों को किस प्रकार शिक्षा से दीक्षा की ओर अग्रसर होकर हम राष्ट्रनिर्माण्,ा व्यक्तित्वनिर्माण, राष्ट्र सेवा में अपना योगदान दे सकते हैं अपना वक्तव्य दिया, गुरु दीक्षा के महत्व से परिचित कराया, उन्हें आध्यात्मिक सकारात्मक मार्ग पर चलने हेतु प्रेरित किया। जिस प्रकार शिक्षा प्राप्त कर कर आप डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस बन सकते हैं, किंतु इस शिक्षा को जब दीक्षा से जोड़ दिया जाता है तो उसके अंदर उसके मन की पवित्रता आ जाती है और आत्म बल ज्ञान की प्राप्ति होती है।  इसी कार्य को ईश्वरीय सेवा समझकर करता है इसलिए हम सभी को शिक्षा के साथ-साथ सनातन, संस्कृति परंपरा संस्कार सेवा एवं गुरु से दीक्षित होकर अपने राष्ट्र, मातृभूमि व माता-पिता परिवार की सेवा जैसे पवित्र कार्य करना चाहिए क्योंकि वर्तमान के यही बच्चे आगे भारत का भविष्य बनते है। बच्चों को यह भी समझाया कि तीर चलाने में ताकत नहीं, दिशा ज़रूरी होती है और वो दिशा देता है  गुरु, गुरु वही होता है जो तुम्हारे अंदर की अच्छाइयों को बाहर लाता है। जो तुम्हारे गुस्से को संयम में बदल देता है। जो तुम्हारी दौड़ को सही मंजि़ल की ओर मोड़ देता है। गुरु दीक्षा लेना मतलब है  जीवन में एक ऐसा दीपक जलाना, जो अंधेरे में भी रास्ता दिखाता है। गुरु के चरणों में ही है सच्चा ज्ञान और जीवन को दिशा की प्राप्ति होती है। आगामी 10 जुलाई को श्री माधव महाकाल आश्रम पर हजारों सनातनी बच्चों को सनातनी शिक्षा-दीक्षा संस्कार गुरु मंत्र से दीक्षित किया जाएगा।  आज के इस गुरुकुल शिक्षा से दीक्षा आयोजन में  अशोक चौहान, शंकर लाल शर्मा, श्रीमती प्रेमलता राठौर, श्रीमती उर्मिला गुप्ता, रिटायर्ड शिक्षक  शैलेंद्र  चंदेल, बृजेश पारसर एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षिक उपस्थित रहे।

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