कलेक्टर की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिलास्तरीय निगरानी समिति की मासिक समीक्षा बैठक

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शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए निगमायुक्त प्रीति यादव के साथ मासिक समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समर वर्मा एवं अन्य विभागीय अधिकारी हुए शामिल

जबलपुर। शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार लाने, शहर के नागरिकों को स्वच्छ वायु मिल सके जिससे शहर में स्वच्छ और स्वच्छता का चहुँओर वातावरण बने इसके लिए जिलास्तरीय निगरानी समिति (डी.एल.एम.आई.सी.) के माध्यम से प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इस अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाया जाए और स्वच्छ वायु गुणवत्ता में और अधिक सुधार आये इसके लिए कलेक्टर दीपक सक्सेना ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी कार्य योजना के सफल क्रियान्वन के लिए निर्देश दिए।

बैठक कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में मानस भवन के बोर्ड रूम में संपन्न हुई। सर्वप्रथम बैठक मे वी.सी. के माध्यम से मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एम.ए.एन.आई.टी.), भोपाल के प्रो. ए.के. शर्मा ने जबलपुर शहर के लिए वायु प्रदूषण के आकलन की स्थिति, जबलपुर शहर के स्रोत विभाजन, उत्सर्जन सूची और वहन क्षमता अध्ययन पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में अध्ययन की रूपरेखा यानी स्रोत की पहचान, उत्सर्जन परिमाणीकरण, फैलाव मॉडलिंग (ए.ई.आर.एम.ओ.डी.), वायु प्रदूषण में स्रोत के योगदान का परिमाणीकरणः स्रोत परिमाणीकरण, नियंत्रण विकल्पों की पहचान और उनकी प्रभावशीलता, वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की कार्य योजना, पार्टिकुलेट मैटर (पी.एम.एक्स.), सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के बारे मे बताया। साथ ही साथ अध्ययन के आधार पर विभिन्न स्रोतों से प्रदूषण के नियंत्रण के लिए सूक्ष्म स्तर की कार्य योजना भी पेश की जिसकी कलेक्टर दीपक सक्सेना एवं निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने अत्यधिक सराहना की। तत्पश्चात निरंतर वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु विभिन्न विभागों के द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा करने के साथ-साथ आगामी 100 दिन में किए जाने वाले कार्यों को समाहित कर विस्तृत कार्य योजना का प्रजेंटेशन भी हुआ एवं उपस्थित अन्य विभागों से इस कार्य योजना में शामिल होकर सहभागिता प्रदान करने के भी निर्देश दिए गए।
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अनुसार ओपन बॉयोमास (कोयला/लकड़ी/ब्रिकेट्स/होटल/रेस्टोरेंट ठेले इत्यादि), कचरा एवं अलाव जलाने पर लगाये गये प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करते हुये, नगर पालिक निगम के समस्त सफाई मित्रों को कचरा एकत्रीकरण के पश्चात् उसे न जलाने हेतु प्रशिक्षित किया जाये, शहर के प्रमुख भीड़ भाड एवं प्रमुख चौराहों पर होर्डिंग लगाकर साथ ही शहर में संचालित डिस्प्ले बोर्ड पर जागरूकता के संदेश, चलचित्र के माध्यम से नागरिकों से कचरा न जलाने, सड़क पर मलबा न फेलाने हेतु जागरूक करने, शहर में जहां ज्यादा धूल उड़ने की संभावना है, उन्हें हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित कर वहां मैकेनिकल स्वीपिंग व नियमित जल छिड़काव के माध्यम से नियंत्रण किया जाये, जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य चल रहे हैं वहां धूल न उड़े इसके लिए ग्रीन नेट लगाने एवं शहर की प्रमुख सड़को की जेटिंग मशीन ,वाटर स्प्रिकलर,रोड स्वीपिंग मशीन, डी दृफोगर के द्वारा रोड की सफाई, धुलाई एवं डिवाइडर की सफाई करने, मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शहर की ओधौगिक इकाइयों में क्लीन फ्यूल का अधिक से अधिक उपयोग हेतू प्रोत्साहित करने, जिला परिवहन विभाग को शहर में अधिक से अधिक वेब बेस्ड पी.यू.सी. सेन्टर्स स्थापित किये जायें। शहर में वह स्थान चिन्हित किये जायें, जहां अत्यधिक संख्या में वाहन गतिविधियां संचालित होती हैं. वहां पीक ऑवर्स के समय ट्रैफिक डायवर्जन करते हुये, नियंत्रित किया जाये तथा ऐसे स्थानों पर पी.यू.सी. प्रमाणपत्र की जांच हेतु विशेष अभियान चलाते हुये, उल्लंघन की स्थिति में चालानी कार्यवाही की जाये। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन/नगर निगम/यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाते हुये सड़कों पर चलने वाले अनफिट वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाया जाये, पी यू सी सेंटर को केन्द्रीयकृत सर्वर से जोड़ने एवं सभी वाहनों की पीयूसी सर्टिफिकेट अनिवार्य रूप से जांच करने, कृषि विभाग को शहरों के आस-पास के खेतों/ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाने की गतिविधियों पर सतत् निगरानी रखते हुये, पराली जलाने की स्थिति में नियमानुसार चालानी कार्यवाही की जावे साथ ही किसानों को हैप्पी सीडर का अधिक से अधिक उपयोग करने हेतु जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए ।
वायुगुणवत्ता में सुधार हेतु गठित डी.एल.एम.आई.सी. की बैठक में निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समर वर्मा, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग शिवेंद्र सिंह, अपर आयुक्त व्ही. एन बाजपेई, प्रशांत गोंटिया, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, नेशनल एयर क्लीन प्रोग्राम के नोडल एवं उपायुक्त स्वास्थ्य संभव आयाची, सहायक यंत्री स्वास्थ्य एवं नेशनल एयर क्लीन प्रोग्राम के सहायक नोडल अभिनव मिश्रा, स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता बर्मन, उधान अधिकारी अलोक शुक्ला, प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अयिद परवेज, क्षेत्रीय परिवहन विभाग से जितेंद्र रघुवंशी, जबलपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड सचिन विश्वकर्मा, डॉ. मनीष गुप्ता, एवं एम.पी.आर.डी.सी. टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, कृषि विभाग, जिला खाद आपूर्ति विभाग के संबधित अधिकारियों से समक्ष में चर्चा कर कार्य योजना के सफल क्रियान्वन करने हेतु निर्देश दिए गए।

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