खरीदी में समितियां और सर्वेयर करतें हैं गड़बड़ी वेयर हाउस संचालक होते हैं परेशान

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वेयर हाउस संचालकों को गोदाम संचालन में आ रही समस्याएं, मूंग खरीदी का बहिस्कार करने का बना रहे विचार

नर्मदापुरम। शासन के द्वारा अनाज उपार्जन की नीतियों में विसंगति से वेयर हाउस संचालक परेशान हैं। क्योंकि खरीदी में समितियां और सर्वेयर गड़बड़ी करते हैं उनके कारण वेयर हाउस संचालक परेशान होते हैं। वेयर हाउस संचालकों को गोदाम संचालन में आ रही समस्याओं के कारण मूंग खरीदी का बहिस्कार करने का विचार बना रहे हैं। मध्यांचल वेयरहाउस ओनर एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि गोदाम में रखे हुए अनाज में गड़बड़ी होने पर वेयर हाउस संचालकों को परेशान होना पड़ है। एक संचालक ने तंग आकर अात्महत्या कर ली। एक वेयर हाउस संचालक महिला के खिलाफ प्रकरण बना दिया। ऐसी तमाम दिक्कतें आ रही हैं। इस कारण हम लोगों ने निर्णय लेकर शासन प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन के सदस्यों ने पत्रकारों को बताया कि बीते दो वर्ष से गोदाम संचालकों को भुगतान नहीं दिया गया। धान के तो अनेक वर्ष हो गए लेकिन किराया नहीं मिल रहा है। एफएक्यू के लिए गोदाम संचालकों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। अनाज का उपार्जन समितियां तथा सर्वेयर के माध्यम से होता है। यदि जबावदारी वेयरहाउस संचालकों की रहे तो उनको कमिशन सहित अन्य जबावदारी दी जाए। वेयर हाउस संचालकों के पास चाबी नहीं होती है। वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के पास होती है। गोदामों में रखे हुए अनाज का किराया नियमित दिया जाए। उसका ब्याज भी दिया जाए। दो साल की मूंग ग्रेडिंग वेयर हाउस संचालकों से कराई जा रही है। उसे तत्काल रोेका जाए।

नेता और अफसरों का प्रेशर

वेयरह हाउस संचालकों ने कहा कि शासन स्तर से एफएक्यू के नियम बनाए जाते हैं। लेकिन खरीदी के समय नेता और अफसरों का प्रेशर आता है। जिसके चलते खराब अनाज भी खरीदा जाता है। जिसकी जिम्मेदारी समिति व सर्वेयर की होनी चाहिए लेकिन गोदाम संचालकों को दोषी ठहराया जाता है। वेयरहाउस संचालकों का आरोप है कि खरीदी कार्य में विभागों का इतना हस्तक्षेप रहता है कि हम अपने आपकों अपंग महसूस करते हैं। इस मौके पर सुधीर पाठक, अमर सिंह, अजय दुबे, साहू, गौर, दुर्गेश पालीवाल सहित अनेक वेयर हाउस संचालक शामिल रहे।

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