जबलपुर। हजरत चांद शाह वली रहमतुल्लाह अलैह के उर्स मुबारक के मौके पर सोमवार को मौलाना की गली से संदल जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में शामिल हुए हिंदू और मुस्लिम धर्मावलंबियों ने कौमी एकता का संदेश दिया, जो सांप्रदायिक सौहार्द का एक बेहतरीन उदाहरण था।
जुलूस में सैय्यद कादिर अली कादरी, रिजवान खान, आशीष उसरेठे, अनवर खान नूरी, नीलेश पंसारी, राजा तिवारी, नित्तू केसरवानी, आसिफ अख्तर सहित बड़ी संख्या में हिंदू मुस्लिम धर्मावलंबियों के लोग शामिल हुए। बैंड-बाजों की मधुर नातिया धुनों के बीच अकीदतमंदों ने अपना नजराना पेश किया। प्रमुख मार्गो गश्त करने के बाद, जुलूस दरगाह शरीफ पहुंचा, जहाँ परंपरा के अनुसार चादर पोशी और गुल पोशी की रस्में अदा की गईं। इसके बाद नजरों-नियाज पेश की गई और तबर्रुक तकसीम किया गया।
उर्स के अंतिम दिन शानदार कव्वाली और सम्मान समारोह
उर्स शरीफ के अंतिम दिन, 24 जून को, कोतवाली स्थित अग्रवाल धर्मशाला के सामने एक शानदार कव्वाली एवं स्वागत सम्मान समारोह का आयोजन रात 10 बजे से किया गया है। इस मौके पर हिंदुस्तान के मशहूर कव्वाल मुकर्रम वारसी अपनी बेहतरीन कव्वाली पेश करेंगे। इसके साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान भी किया जाएगा।








