सीहोर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के बेनर तले सम्पूर्ण विश्व में अपने दोहों के माध्यम से मानवता को कर्मशील बनाने वाले भरतीय संत कबीरदास एवं महान स्वतंत्रता सेनानी भारतीय कवि व लेखक रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती के उपलक्ष्य में स्थानीय रेन्बो प्ले स्कूल के सभागृह में काव्य व विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गीतकार विनोद पंसारी ने की। मुख्यअतिथि गीतकार हरिओम दाऊ शर्मा एवं विशेष अतिथि हीरालाल जायसवाल, द्वारका बासुरिया उपस्ििात रहे। सर्व प्रथम अतिथियों ने माँ सरस्स्वती एंव संत कबीरदास व रामप्रसाद बिस्मिल के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर गोष्ठी का शुभारंभ किया। सरस्वती वन्दना गीतकार जोरावर सिंह ने की। काव्यगोष्ठी का संचालन युवा कवि लक्ष्मण चौकसे ने किया। मुख्य अतिथि हरिओम दाऊ शर्मा ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दी साहित्य भक्तिकाल के संत शिरोमणि आराध्य कवि कबीरदास जी जीवन दर्शन के सर्वश्रेष्ठ कवि थे। उन्होने निष्पक्ष व निडरता के साथ मानवकता के लिये संदेश लिखे। इस अवसर पर उपस्थित कविगणों में प्रमुख रूप से हरिओम दाऊ शर्मा, द्वारका बासुरिया, विनोद पंसारी, हिरालाल जायसवाल, हिरालाल शर्मा, लक्ष्मण चौकसे, गोविन्द लोवानिया, डॉ. विजेन्द्र जायसवाल, जोरावर सिंह आदि ने काव्यपाठ कर काव्यगोष्ठी को ऊचाई प्रदान करते हुए उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध किया। अंत में आभार समिति अध्यक्ष डॉ.विजेन्द्र जायसवाल ने माना।








