पीएम मोदी के नेतृत्व में बीते 11 वर्षों में कृषि क्षेत्र में आया बड़ा बदलाव

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बजट पांच गुना बढ़ा, एमएसपी दोगुनी हुई
नई दिल्ली, (आरएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के कृषि क्षेत्र में बीते 11 वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। एक तरफ कृषि क्षेत्र के लिए सरकार ने बजट को पांच गुना बढ़ाया है और दूसरी तरफ किसानों को उचित मूल्य देने के लिए गेहूं और धान जैसी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को दोगुना कर दिया है।\ सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते पांच वर्षों में कृषि क्षेत्र का बजट पांच गुना बढक़र वित्त वर्ष 2024-25 में 1,37,664 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2013-14 में 27,663 करोड़ रुपए था। इससे कृषि क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और किसान कल्याण को बढ़ावा देने में मदद मिली है।इसके साथ ही मोदी सरकार बीते 11 वर्षों में किसानों के लिए एमएसपी को दोगुना करने में सफल रही है। गेहूं के लिए एमएसपी वित्त वर्ष 2024-25 में बढक़र 2,425 रुपए प्रति क्विंटल हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 2013-14 में 1,400 रुपए प्रति क्विंटल थी। वहीं, धान के लिए एमएसपी वित्त वर्ष 2024-25 में बढक़र 2,369 रुपए प्रति क्विंटल हो गई है, जो कि वित्त वर्ष 2013-14 में 1,310 रुपए प्रति क्विंटल थी। 2014 और 2025 के बीच 14 खरीफ फसलों की खरीद 7,871 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) तक पहुंच गई, पिछले दशक में यह 4,679 एलएमटी थी।इसके अलावा सरकार के प्रयासों के कारण देश के खाद्य उत्पादन में बीते एक दशक में काफी प्रगति हुई है। खाद्य उत्पादन 2014-15 में 265.05 मिलियन टन से बढक़र 2024-25 में अनुमानित 347.44 मिलियन टन हो गया है। इसमें चावल, गेहूं, दालें और तिलहन जैसे प्रमुख खाद्य उत्पाद शामिल हैं। जलवायु-अनुकूल और पोषण-समृद्ध फसलों के उत्पादन को बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है, जिससे मोटे अनाज, दालों और तिलहनों के लिए उत्पादन में तेज वृद्धि देखी गई है। मोदी सरकार के केंद्र में किसानों का वित्तीय सशक्तिकरण रहा है। पीएम-किसान योजना के तहत, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ आय सहायता सुनिश्चित करते हुए 11 करोड़ से अधिक किसानों को सीधे 3.7 लाख करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए हैं। 7.71 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे 10 लाख करोड़ रुपए का ऋण किसानों में वितरित किया गया है। किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण सीमा 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दी गई है।

 

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