बेंगलुरु,(आरएनएस)। बेंगलुरु में एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कर्नाटक पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) की ओर से 4 जून को कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव जी सत्यवती सहित अन्य शीर्ष अधिकारियों को भेजा गया एक पत्र सामने आया है, जिसमें उन्होंने पुलिस कर्मचारियों की कमी और कार्यक्रम में भीड़ बढऩे की चेतावनी दी थी।
हालांकि, उसके बाद भी कार्यक्रम आयोजित हुआ और बड़ा हादसा हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा सुरक्षा के डीसीपी एमएन करिबासवना गौड़ा ने भीड़ प्रबंधन और कर्मचारियों की कमी के बारे में गंभीर चिंता जताते हुए यह पत्र लिखा था।
गौड़ा ने पत्र में स्पष्ट लिखा था, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के प्रशंसक देशभर में मौजूद है। विधानसभा में कार्यक्रम आयोजित होने से लाखों प्रशंसकों के एकत्र होने की उम्मीद है। ऐसे में सुरक्षा कर्मियों की कमी को देखते हुए भीड़ का प्रबंधन करना एक बड़ी चुनौती होगी।
गौड़ा ने पत्र में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन सार्वजनिक प्रवेश पास निलंबित करने, सरकारी कर्मचारियों को उस दिन सचिवालय में अपने परिवार के सदस्यों को न लाने के लिए पाबंद करने और कार्यक्रम स्थल के पास लोगों की भीड़ कम करने के लिए दोपहर की छुट्टी घोषित करने का सुझाव दिया था।
उन्होंने यह भी कहा था कि विधानसभा एक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान और विरासत है। वहां पर्याप्त निगरानी बुनियादी ढांचे का भी अभाव है।
गौड़ा ने सीसीटीवी कवरेज की भी मांग की थी, लेकिन वह पूरी नहीं हो पाई। इससे विशाल सार्वजनिक सभा के दौरान परिसर की निगरानी और सुरक्षा की चिंताएं बढ़ गई।
उन्होंने कार्यक्रम के लिए बनाए गए मंच का लोक निर्माण विभाग द्वारा संरचनात्मक और विद्युत सुरक्षा निरीक्षण कराने का भी सुझाव दिया था।
इसी तरह उन्होंने तोडफ़ोड़-रोधी जांच के साथ एक कार्यात्मक ड्रोन-रोधी प्रणाली की आवश्यकता पर भी बल दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
आरसीबी के 3 जून को आईपीएल 2025 का खिताब जीतने के बाद 4 जून को बेंगलुरु में विजय जुलूस निकालने का फैसला किया था।
टीम को खुली बस में विधानसभा से चिन्नास्वामी स्टेडियम जाना था, जहां 3 लाख लोग इक_ा थे। वो अंदर जाने को लेकर धक्का-मुक्की करने लगे।
इससे भगदड़ मची और 11 लोगों की दबकर मौत हो गई, जबकि 55 घायल हो गए। पुलिस ने आरसीबी, केएससीए और अन्य पर एफआईआर दर्ज कर जांच सीआईडी को सौंप दी।








