नई दिल्ली,(आरएनएस)। ओलंपिक मेडलिस्ट बजरंग पूनिया ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व चीफ बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कुश्ती कोच नरेश दहिया की छवि धूमिल करने के लिए उनसे बिना शर्त माफी मांग ली है। टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग ने विनेश फोगाट और साक्षी मलिक के साथ मिलकर बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था, जिसमें उन्होंने डब्ल्यूएफआई चीफ पर कई जूनियर महिला पहलवानों का यौन उत्पीडऩ करने का आरोप लगाया था।पिछले साल 10 मई को जंतर-मंतर पर धरने के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बजरंग ने कोच नरेश दहिया पर बलात्कार का आरोपी होने का आरोप लगाया था और कहा था कि उन्हें उनके विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। इसके बाद नरेश दहिया ने बजरंग पूनिया के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया था, जिसके चलते बजरंग को अदालत ने समन जारी किया था और उन्हें चौथी सुनवाई में जमानत भी मिल गई थी। आखिरकार, बजरंग पूनिया ने अपने किए पर खेद जताते हुए 17 मई को कुश्ती कोच से माफी मांग ली। बजरंग ने अपने माफीनामे में कहा, मैं जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के समय हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कोच नरेश दहिया के खिलाफ दिए गए गलत और असंवेदनशील बयान के लिए बिना शर्त माफी मांगता हूं। उन्होंने आगे कहा, मैं कोच नरेश दहिया की छवि को हुए नुकसान और उनके खिलाफ मेरे गलत और असंवेदनशील बयान के कारण उनके प्रियजनों को हुए दर्द और पीड़ा के लिए गहरा खेद व्यक्त करता हूं। वह एक प्रतिष्ठित कोच हैं और उन्होंने देश को अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। मैं एक बार फिर खेद व्यक्त करते हुए उनसे और उनके प्रियजनों से दिल से माफी मांगता हूं। नरेश दहिया का दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में छोटू राम व्यायामशाला के नाम से पुरुष पहलवानों के लिए एक ट्रेनिंग सेंटर है। वह कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता विनोद (55 किग्रा) और रमेश गुलिया (74 किग्रा) जैसे पहलवानों को प्रशिक्षण दे चुके हैं। इस मामले पर कोच दहिया ने कहा, विरोध प्रदर्शन से दो-चार महीने पहले ये पहलवान डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष की प्रशंसा कर रहे थे। फिर अचानक मेरे खिलाफ एक अनजान व्यक्ति ने यह आरोप लगाया और बजरंग ने अपने संबोधन में उसका जिक्र किया। मैंने इस पर आपत्ति जताई और उन्हें अदालत में घसीटा।








