नई दिल्ली (ए.)। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने केंद्र सरकार द्वारा अच्छे दिन के अपने वादे को पूरा करने में किए गए प्रदर्शन का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया। एक्स पर बात करते हुए, खडग़े ने मौजूदा शासन के बारे में कई चिंताओं को उजागर किया, जिसमें बढ़ती बेरोजगारी, अधूरे नौकरी और आय के वादे, हाशिए पर पड़े समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियाँ, बढ़ती मुद्रास्फीति और असमानता, मेक इन इंडिया जैसी पहलों में रुकावटें, तनावपूर्ण विदेशी संबंध और लोकतांत्रिक संस्थानों का कमजोर होना शामिल है। खडग़े ने एक्स पर लिखा कि 26 मई 2014, 11 सालों में बड़े-बड़े वादों को खोखले दावों में बदलकर मोदी सरकार ने देश की ऐसी दुर्दशा की, कि अच्छे दिन की बात अब एक डरावने सपने की तरह साबित हुए। युवा — सालाना दो करोड़ नौकरियों का वादा, असलियत में करोड़ों की ग़ायब।








