भोपाल की श्रुतिका जैन बनीं सीबीएसई 12वीं की टॉपर

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-कहा सफलता का श्रेय मैं अपने माता-पिता और शिक्षकों को देती हूं

भोपाल (संदीप पंडा)। जब हौसला आसमां छूने का हो तो बुलंबिदयां आपने आप पैर छूती है, सोच ऊंची हो तो सफलता सिर अपने आप झुकाती है। ऐसा ही जीता जागता उदाहरण हमारे बीच भोपाल की श्रुतिका जैन ने इतिहास रचकर पेश किया है सागर पब्लिक स्कूल, गांधी नगर की छात्रा श्रुतिका जैन ने, जिन्होंने सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 99.4 प्रतिशत अंक हासिल कर राजधानी की टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया है। ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम से पढ़ाई करने वाली श्रुतिका न सिर्फ अकादमिक रूप से उत्कृष्ट हैं, बल्कि उनके विचार और दृष्टिकोण भी आज के युवा वर्ग के लिए प्रेरणादायक हैं। श्रुतिका का कहना है कि उन्होंने कोई बडा काम नहीं किया, बस नियमित पढ़ाई को गंभीरता से लिया। हर विषय की क्लास में ध्यान दिया। उन्होंने बताया अगर स्कूल में पढ़ाई के वक्त ध्यान रखा जाए और घर पर खुद मेहनत की जाए, तो किसी को कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ती। श्रुतिका का ह्यूमैनिटीज चुनना कोई संयोग नहीं था। उनका उद्देश्य स्पष्ट है यूपीएससी और ज्यूडिशियरी जैसी सेवाओं में जाना। मुझे बचपन से इतिहास और सामाजिक विज्ञान में रुचि रही है। यह स्ट्रीम अब करियर की मजबूत नींव बन चुकी है। श्रुतिका के विचार शिक्षा को लेकर भी गंभीर हैं। उनका मानना है कि भारतीय ग्रंथों जैसे रामायण और महाभारत को स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिए। जब हम यूरोपीय इतिहास पढ़ सकते हैं, तो हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर क्यों नहीं? श्रुतिका का कहना है कि इन ग्रंथों से बच्चों की सोच को दिशा मिलेगी, आत्मगौरव बढ़ेगा और भारत के मूल्यों की बेहतर समझ विकसित होगी। पढ़ाई के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए श्रुतिका ने अपनी हॉबी-आर्ट एंड क्राफ्ट को कभी नहीं छोड़ा। मैं हर स्कूल आर्ट कॉम्पटीशन में भाग लेती थी, और प्रदेश स्तरीय कला उत्सव का हिस्सा भी रही हूं। यह मेरे लिए थेरेपी जैसा है, श्रुतिका अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता इन्द्रपाल जैन एवं माता और शिक्षकों को देती हैं। मेरे हर कदम पर मेरे पैरेंट्स और स्कूल के टीचर्स ने साथ दिया। उन्होंने न सिर्फ मेरी पढ़ाई में, बल्कि हर छोटे-बड़े फैसले में मेरा मनोबल बढ़ाया। श्रुतिका सिर्फ एक टॉपर नहीं, बल्कि एक विचारशील, उद्देश्यपूर्ण और आत्मनिर्भर छात्रा हैं, जो आने वाले युवाओं के लिए मिसाल बन चुकी हैं।

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