पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को निगरानी में लिया जाना चाहिए : राजनाथ सिंह

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श्रीनगर (आरएनएस)। ऑपरेशन सिंदूर की कामयाबी के बाद जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह श्रीनगर में जवानों के बीच पहुंचे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बादामी बाग छावनी में गिराए गए पाकिस्तानी गोलीबारी के अवशेषों का निरीक्षण किया। राजनाथ सिंह ने कहा, … पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे ग़ैर जि़म्मेदाराना तरीक़े से पाकिस्तान द्वारा भारत को अनेक बार एटमी धमकियां दी गईं हैं। आज श्रीनगर की धरती से मैं पूरी दुनिया के सामने यह सवाल उठाना चाहता हूं कि क्या ऐसे ग़ैर जि़म्मेदार और धूर्त राष्ट्र के हाथों में परमाणु हथियार सुरक्षित हैं? मैं मानता हूं कि पाकिस्तान के एटमी हथियारों को ढ्ढअंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की निगरानी में लिया जाना चाहिए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, इस विषम परिस्थिति में, आप सबके बीच आकर, आज मैं, बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं हमारे प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आपने जो कुछ किया, उसने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। मैं अभी भले ही आपका रक्षा मंत्री हूं लेकिन उससे पहले तो भारत का नागरिक हूं। रक्षा मंत्री के साथ-साथ, मैं आज, भारत के नागरिक के रूप में भी आपका आभार प्रकट करने आया हूं।
राजनाथ सिंह ने कहा, मैं आपकी उस ऊर्जा को महसूस करने आया हूं, जिसने दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर दिया। आपने जिस तरीके से, सीमा के उस पार पाकिस्तान की चौकियों और बंकरों को धवस्त किया, दुश्मन उसे कभी भूल नहीं पायेगा। आमतौर पर लोग जोश में होश खो देते हैं। लेकिन आपने, जोश भी रखा, होश भी रखा और सूझबूझ के साथ दुश्मन के ठिकानों को बर्बाद किया है।रक्षा मंत्री ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के ख़िलाफ़ भारत द्वारा चलाई गई, अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई है। 35-40 वर्षों से भारत सरहद पार से चलाये जा रही आतंकवाद का सामना कर रहा है। आज भारत ने पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ हम किसी भी हद तक जा सकते हैं। पहलगाम में आतंकवादी घटना को अंजाम देकर भारत के माथे पर चोट पहुंचाने का काम किया, भारत की सामाजिक एकता को तोडऩे का प्रयास किया गया। उन्होंने भारत के माथे पर वार किया, हमने उनकी छाती पर घाव दिए हैं। पाकिस्तान के ज़ख्मों का इलाज इसी बात में है कि वह भारत विरोधी और आतंकवादी संगठनों को पनाह देना बंद करे, अपनी ज़मीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ न होने दे।

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