आपात स्थिति में गृह विभाग भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों का अक्षरश: पालन किया जाना सुनिश्चित करें
नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों के संबंध ने बैठक आयोजित
नर्मदापुरम/ गृह मंत्रालय भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन द्वारा जिले की सुरक्षा योजना बनाकर उसकी समीक्षा कर आवश्यकता पड़ने पर उसमें संशोधन किए जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इसी तारतम्य में बुधवार को कलेक्टर कार्यालय के रेवासभा कक्ष में नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की तैयारी के संबंध में कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान नागरिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत उद्योगों, नागरिक सुविधाओं, रासायनिक, परमाणु एवं अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों, जल विद्युत परियोजनाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
कलेक्टर सुश्री मीना ने जिले के संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी रूप से निपटने हेतु सुव्यवस्थित राहत एवं बचाव योजना पूर्व से तैयार रखी जाए। इसमें अग्निशमन एवं रेस्क्यू टीमों की तत्परता, इमारत ढहने जैसी घटनाओं की स्थिति में तत्काल बचाव कार्यवाही, एवं प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिले की आपदा प्रबंधन योजना एवं आंतरिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा की जाए और आवश्यकतानुसार उसमें संशोधन कर उसे और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
बैठक में कलेक्टर ने नगरीय प्रशासन विभाग को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मापदंडों की व्यापक समीक्षा कर उसके अनुरूप बचाव योजना तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगरीय क्षेत्रों में राहत केंद्रों को चिन्हित किया जाए तथा आपात स्थिति में वहां लोगों के ठहरने, भोजन, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को आपदा की स्थिति में अग्रिम पंक्ति का सबसे महत्वपूर्ण विभाग बताते हुए निर्देश दिए कि चिकित्सा सुविधाओं की पूरी समीक्षा कर लें। उन्होंने कहा कि पैरामेडिकल स्टाफ, चिकित्सकीय उपकरणों एवं जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिला अस्पताल एवं अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में पावर बैकअप की ठोस व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए ताकि ब्लैकआउट की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों।
इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने जिले में शैडो हॉस्पिटल्स चिन्हित करने, पर्याप्त संख्या में फर्स्ट एड किट्स तैयार रखने, ICU और बिस्तरों की संख्या सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय एवं अशासकीय एंबुलेंस की सूची तैयार कर ड्राइवरों के दूरभाष नंबर भी एकत्रित कर सुरक्षित रखें, जिससे आपातकालीन स्थिति में त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। साथ ही साथ स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य अमले एवं आवश्यक मशीनों का भी आकलन कर ले।
कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि जिले के समस्त मुख्य पावर स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए एवं संवेदनशीलता के आधार पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को ब्लैकआउट की स्थिति में नगर में निर्विघ्न जल आपूर्ति बनाए रखने हेतु समुचित तैयारी के निर्देश दिए।
कलेक्टर द्वारा जल संसाधन विभाग को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी छोटे-बड़े बांधों पर आम जनता की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित की जाए। कलेक्टर ने एयर स्ट्राइक जैसी आपात स्थिति के संबंध में “क्या करें और क्या न करें” संबंधी संपूर्ण जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, जिससे नागरिकों को सटीक एवं स्पष्ट जानकारी समय रहते मिल सके।
उन्होनें शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं को आपदा के समय सुरक्षा एवं बचाव संबंधी प्रशिक्षण व जानकारी दी जाए। कलेक्टर द्वारा होमगार्ड एवं एसडीआरएफ टीमों को केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्यों के लिए समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिला व्यापार एवं उद्योग महाप्रबंधक को कलेक्टर ने निर्देशित किया कि जिले में खाद्य उत्पादक एवं रसायनिक घटक निर्मात्री इकाइयों की जानकारी एकत्र कर आवश्यक निगरानी तंत्र विकसित किया जाए। अंत में कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक समाचारों पर ध्यान न दें।






