मेरे सामने वाली खिड़की में
चांद आहें भरेगा फूल दिल थाम लेंगे
जबलपुर ! दिल को सुकून देने वाले, हृदय को स्पंदित करने वाले नगमे * बहारों ने मेरा चमन लूट कर
चांद आहें भरेगा फूल दिल थाम लेंगे मेरे सामने वाली खिड़की मे आ लगा जा गले की फिर ये हंसी रात हो ना हो,,,,,,, जैसे शानदार पुराने नगमें कला वीथिका परिसर में गुंजायमान होते रहे।अवसर था प्रसंग अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक, सांस्कृतिक संस्था के तत्वावधान में शानदार फिल्मी गीतों से सजी शाम सुरमाला का।इस आयोजन में जबलपुर शहर के समस्त विद्वत मनीषी अतिथि के रूप में उपस्थित थे । सुरमाला कार्यक्रम मां वीणापानी के पूजन अर्चन और वंदना से प्रारंभ हुआ। तदोपरांत डॉक्टर छाया सिंह,डॉ अम्बर प्रियदर्शी, तृप्ति त्रिवेदी, अभिमन्यु जैन, सुरेश मिश्रा विचित्र, अतिथियों के स्वागत से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । एक से बढ़कर एक पुराने शानदार नगमें सुरमाला में प्रस्तुत किए गए !आयोजन में नगर के गायक कलाकारों में सलिल तिवारी, अरुण भटनागर ,प्रिया चौधरी ,संदीप बनोधा, विनीता पैगवार विधि , प्रो.नेहा खरे, कमलेश सोनी ,ममता भास्कर, माया पांडे ,डॉ आज्ञा मिश्रा, डॉ कृष्ण कुमार दुबे, कमलकांत उपाध्याय, अरुण यादव,अशोक डहरिया ,गुलाम खान, के. के. ताम्रकार, विजय केसरवानी ,राकेश श्रीवास्तव ,मनोज पाटकर ,मनीष निगम आदि ने शानदार फिल्मी गीतों को प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया इस कार्यक्रम का शानदार संचालन किया राष्ट्रीय प्रसंग समूह के संस्थापक इंजीनियर विनोद नयन ने और संयोजन सलिल तिवारी ने, तथा मार्गदर्शन अर्चना गोस्वामी ने किया कोऑर्डिनेशन डॉ आज्ञा मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में सूरज राय सूरज, डॉ रानू रूही,डॉ विनीता पांडे विनीत, डॉ सलमा जमाल,प्रीति नामदेव भूमिजा सुशील श्रीवास्तव का सहयोग रहा डॉ मकबूल अली कादरी ने आभार प्रदर्शन किया।








