नई दिल्ली, (आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर-राजनेता मुख्तार अंसारी की मौत की जांच मामले में बेटे उमर अंसारी की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया. यूपी के दबंग नेता रहे मुख्तार अंसारी की बीते साल यूपी की बांदी जेल में दिल का दौरा पडऩे से मौत हो गई थी.उमर ने शुरुआत में ही पने पिता मुख्तार अंसारी के लिए सुरक्षा की मांग की थी. साथ ही उन्होंने उन्हें उत्तर प्रदेश से बाहर की जेल में भेजे जाने का अनुरोध किया था. पिता मुख्तार की मौत के बाद उमर ने इस मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की मांग की थी।.
न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने कहा कि चूंकि याचिका मूल रूप से उमर के पिता के जीवित रहते ही दायर की गई थी. इसलिए पीठ ने उनकी मृत्यु के बाद कार्यवाही जारी रखने में अनिच्छा व्यक्त की.
इस मामले को लेकर पीठ ने उमर से कहा कि वह किसी भी कानूनी कार्यवाही के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएं. उमर ने दावा किया कि हालांकि उनके पिता की मौत की न्यायिक जांच की गई थी, लेकिन उन्हें अब तक रिपोर्ट नहीं मिली.
बीते साल जुलाई में उमर ने दावा किया था कि उसके पिता को दिए गए भोजन के माध्यम से उन्हें ज़हर दिया गया था. इसके साथ ही उन्हें जरूरी मेडिकल सेवाएं भी नहीं दी गई थीं. जिसकी वजह से हिरासत में ही मुख्तार अंसारी की मौत हो गई थी.
उमर अंसारी ने साल 2023 में एक याचिका दायर कर यूपी के बांदा जेल में बंद अपने पिता मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को खतरा होने का आरोप लगाया था. बीते साल 28 मार्च को मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र से 5 बार विधायक रहे अंसारी की बांदा के एक अस्पताल में दिल का दौरा पडऩे से मौत हो गई थी. उमर के वकील ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल को अपने पिता की सुरक्षा को लेकर जो डर था, वही हुआ.
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