अखिल विश्व गायत्री परिवार के मार्गदर्शन में चार दिवसीय विराट 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ

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 गायत्री परिवार ने दीप यज्ञ में हजारों दीपक जलाकर विश्व शांति और कल्याण की कामना की
सीहोर। अखिल विश्व गायत्री परिवार के मार्गदर्शन में चार दिवसीय विराट 108 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बीती रात्रि को यहां पर गायत्री परिवार और श्रद्धालुओं के द्वारा हजारों की संख्या में विराट दीप महायज्ञ का आयोजन किया। इस मौके पर शांतिकुंज-हरिद्वार से पधारी मुख्य अतिथि शैफाली पण्ड्या दीदी ने कहा कि हमारे मन के अंधकार को दूर कर हमें सत्य और प्रकाश की ओर अग्रसर होना है। शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित भव्य यज्ञ शाला में आयोजन किया गया। इस मौके पर ध्यान साधना, प्रज्ञा योग, संस्कार पंरपरा, नारी जागरण एवं कन्या कौशल शिविर का आयोजन किया गया था।
इस संबंध में जानकारी देते हुए उपजोन समन्वयक आरपी हाजरी और जिला कार्यक्रम संयोजक श्रीमती रमिला परमार और मीडिया प्रभारी पुष्पा शर्मा ने बताया कि गायत्री परिवार ने दीप यज्ञ में हजारों दीपक जलाकर विश्व शांति और कल्याण की कामना की है। यह आयोजन आमतौर पर वैदिक परिवार और गायत्री परिवार द्वारा किया जाता है, जहां सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किए जाते हैं. इस यज्ञ में लोग बुराइयों को त्याग कर श्रेष्ठ बनने का संकल्प लेते हैं और विश्व में शांति की कामना करते हैं
श्रीमती शेफाली पण्ड्याजी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सदा से ही नारी शक्ति की पूजा होती आयी है। हमारे ऋषि-मुनियों ने भी नारियों का समुचित सम्मान देते रहे हैं। जहाँ-जहाँ नारी का सम्मान व उसकी पूजा होती है, वहाँ ईश्वर की कृपा बरसती रहती है। गायत्री परिवार को प्रेम और आत्मीयता के आधार पर बना देव परिवार बताया। उन्होंने कहा कि आज समाज में सृजनात्मक आन्दोलनों में सक्रिय अनेक स्वयंसेवी संगठन हैं, लेकिन पारिवारिकता का सर्वत्र नितांत अभाव है। मनुष्य की भाव संवेदनाएँ सुप्त होती जा रही हैं। समाजाजिक समरसता गायब हो रही है। यही आज की समस्त पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं का मूल कारण है। गायत्री परिवार के प्रत्येक सदस्य को सदैव ध्यान रखना चाहिए कि परम पूज्य गुरुदेव ने यह विराट संगठन प्रेम और आत्मीयता के आधार पर खड़ा किया है। यही हमारी पहचान है, हमें इन्हीं के आधार पर समाज में सूखती संवेदनाओं को पुनर्जीवित करना है।

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