अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त में आज कई जोड़े बंध जाएंगे दाम्पत्य सूत्र में

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विवाह के विशेष व अबूझ मुहूर्त में लग्नसरा के चलते शहर के तमाम बाजार हैं गुलजार

नर्मदापुरम। विवाह के विशेष व अबूझ मुहूर्त में लग्नसरा के चलते शहर के तमाम बाजारों में विशेषकर सराफा सहित अन्य बाजार गुलजार हैं। रौनक बढ़ने का एक प्रमुख कारण किसानों द्वारा उपज बेचने के वाद मिली राशि से स्वर्ण आभूषण एवं चांदी से बनी वस्तुओं के साथ ही अन्य घरेलू उपयोग की सामग्रियों की खरीदी में उत्साह देखा गया। जिनमें अधिकांश ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनमें अक्षय तृतीया के साथ ही अन्य परिवारों में अगले सप्ताह में वैवाहिक कार्यक्रम हैं।

अक्षय तृतीया के अवसर पर अनेक समाजों के वैवाहिक काय्रक्रमों की खासी धूम बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों के द्वारा जमकर खरीदी की जा रही है। बाजार में खरीदी कर रहे केशव शर्मा ने बताया कि उनके परिवार में कल शादी है। एक रकम तो पहले ही ले ली थी अब फसल बिकने पर सोचा एक दो रकम और ले लें। इसी तरह गृहणी नानी बाई ने कहा कि वैवाहिक कार्यक्रम के चलते रकम लेना आवश्यक हैं। इसी कारण बिछौड़ी, पायल तथा सोने की एक एक चूड़ी लेने हम हमारे परिवार के साथ आए हैं।

रकम बनवाई में महंगाई

सराफा व्यवसाइयों का कहना है कि आभूषण बनवाने में खर्च आता है। उसे जोड़कर बता रहे हैं। तो लोगों को ऐसा लग रहा है कि हमारे द्वारा दाम नहीं घटाए गए हैं। जबकि ऐसा नहीं है। हीरालाल सोनी ने बताया कि रकम बनाने तथा सुधार कार्य में मेहनत लगती है। इस कारण दामों में उछाल समझ आता है। कुछ रेट भी बढ़े हुए हैं।

हर दुकान पर ग्राहक

सोने.चांदी की मांग बढ़ते ही सराफा क्षेत्र की हर दुकान पर खरीददार पहुंच रहे थे। अक्षय तृतीया पर सोना चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। लग्नसरा के सीजन में दाम कम होने की उम्मीद बनी हुई थी लेकिन ऐसा नहीं होने के बाद भी लोगों ने आभूषण खरीदे।

सभी गार्डन धर्मशालाएं बुक

विवाह के सबसे खास मुहूर्त पर शहर के सभी गार्डन और धर्मशालाएं मंगल भवन पहले से ही बुक हो चुके थे। इसी के साथ बैंडबाजे डीजे के साथ ही घोड़े वाले और केटर्स आदि सभी की पहले से ही बुकिंग हो चुकी है।

किसान पूजा के साथ करेंगे खेती की शुरुआत

किसान अक्षय तृतीया को अक्ती के रूप में मनाते हैं। माना जाता है कि इस दिन से खेती की शुरुआत हो जाती है। किसान अपने खेत में पूजन के बाद भले ही थोड़ी मात्रा में लेकिन धान जरूर बोते हैं। इसके साथ ही खेतों की जोताईए कांटा बिनाईए खातुपलाई और झाड़ियों की साफ सफाई की शुरुआत हो जाती है।

किसान अख्ती के बाद धान की अगली फसल के लिए तैयार हो जाएंगे और खेती के कार्य में जुट जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में किसान इस त्योहार को बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं।

मकान गाड़ी और अन्य सामान खरीदना भी शुभ

अक्षय तृतीया पर मकान जमीन गाड़ी और अन्य सामान खरीदना भी काफी शुभ माना जाता है। शहर के बिल्डर्स और प्रापर्टी डीलर अक्षय तृतीया के लिए खास आफर भी लेकर आए हैं। इसके साथ ही गाड़ियों व इलेक्ट्रानिक्स सामान की खरीदी पर भी ग्राहकों को बेहतरीन आफर दिए जा रहे हैं। शादियों और ईद के लिए कपड़ों की दुकानों में भी खास वैरायटी मंगाई गई है। लोग त्योहार और शादियों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही इसकी खरीदारी कर रहे थे।

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