कांग्रेस जिला सचिव माखन सिंह सोलंकी ने फुले फिल्म को टेक्स मुक्त कराने की सरकार से की मांग

Join Us

 टेक्स मुक्त होने से हर नागरिक फुले फिल्म को देखकर होगें जागरूक-माखन सिंह सोलंकी
सीहोर। कांग्रेस जिला सचिव माखन सिंह सोलंकी ने भारत सरकार की से मांग की है कि महाराष्ट्र के ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्री फुले की जीवनी पर बनी फिल्म ‘फुलेÓ को टेक्स मुक्त किया जावे। चूंकि यह फिल्म  पूर्णत: व्यावसायिक फिल्म नहीं है। यह फिल्म निम्न वर्ग के लोगों को जागरूक करने वाली फिल्म है। इसमें आम हिंदी फिल्मों जैसा गाना, बजाना और धूम धड़ाका नहीं है। ये सिर्फ सच्ची घटनाओं को सहारा बनाकर आगे बढ़ती है। उक्त फिल्म में फुले ने पिछड़ों व दलितों के एका के बूते आजादी की लड़ाई लडऩे की बात उन्होंने कही और इसके लिए जरूरी थी समाज में समानता और शिक्षा के अधिकार की लड़ाई। फिल्म में यह बताया गया कि पूर्व में पिछड़ों, दलितों एंव महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नही था। जिसके लिये फुले दम्पत्ति ने काफी संघर्ष किया और उन्हें शिक्षा का अधिकार दिलाया, जिस पर फुले के पिता ने फुले दम्पत्ति को घर से भी बाहर निकाल दिया परन्तु फुले दम्पत्ति ने पिछड़ी, शोषित समाज के लोगों व महिलाओं शिक्षा प्रदान करना नही छोड़ा। सावित्रिबाई फुले जब पढ़ाने जाती थी तो लोगों द्वारा उनकी साड़ी पर कीचड़ गोबर फैका जाता था, जिसके कारण वह एक साड़ी बेग में रखकर ले जाती थी और स्कूल में बदलकर शिक्षा देती थी तथा पुन: जब वापस घर लोटती थी तो वही गंदी साड़ी पहनकर घर आती थी। विधवाओं का पुर्नविवाह की भी फुले पक्षधर थी। इसी प्रकार की काफी रोचक व प्रेरणादायक दृश्य उक्त फिल्म में दिखाया गया है, जो कि सत्य घटना पर आधारित है, निश्चित ही इस फिल्म लोगों में जागरूकता आवेगी, लिहाजा जनहितेशी इस फिल्म को टेक्स मुक्त किया जावे ताकि हर वर्ग के महिला-पुरुष इस फिल्म को देखकर प्रेरणा ले सके।

Previous articleथाली-चम्मच बजाकर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया विरोध-प्रदर्शन
Next articleराठौर समाज ने फूंका आतंकवाद का पुतला