सहकारी बैंक को बंद होने से बचाने आगे आई सरकार, सिंधिया ने दिया धन्यवाद

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भोपाल 6 अप्रैल (आरएनएस)। मध्यप्रदेश में वित्तीय अनियमितताओं एवं गबन के कारण कई सहकारी बैंकों की हालत खराब हो गई है। राज्य के ज्यादातर जिला सहकारी बैंक वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं जिनमें से कुछ तो बंद होने की कगार पर हैं। जिला सहकारी बैंक की शिवपुरी शाखा के भी कुछ ऐसे ही हाल हैं। आर्थिक तंगी के कारण बैंक के बंद होने का खतरा मंडराने लगा था जिससे खातेदार बेचैन थे। ऐसे में राज्य सरकार ने आगे आकर बैंक को बचाने की पहल की है। सरकार ने बैंक को करोड़ों रुपए मंजूर किए हैं। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट भी किया है। प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों में शिवपुरी शाखा, बड़ी शाखा में शुमार है। बैंक के कुछ कर्मचारियों ने करोड़ों का गबन कर दिया जिससे इसकी वित्तीय हालत चरमरा गई। तब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी जिला सहकारी बैंक की मदद के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखकर आर्थिक सहायता देने का अनुरोध किया था। उन्होंने इसकी दुर्दशा के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की थी।
शिवपुरी के जिला सहकारी बैंक पर क्षेत्र के किसानों की गहरी निर्भरता है। विशेष रूप से खाद, बीज और कृषि आवश्यकताओं की आपूर्ति के लिए किसान इसी पर ही निर्भर हैं। बैंक के वित्तीय संकट ने किसानों के बीच गंभीर चिंता और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। इससे किसानों और अन्य उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति पर संकट गहरा गया है और आजीविका पर भी भारी दबाव पड़ रहा है।
गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहे शिवपुरी जिला सहकारी बैंक की मदद के लिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर बैंक को अतिशीघ्र आर्थिक सहायता देने की मांग की थी। उन्होंने अपने पत्र के साथ शिवपुरी कलेक्टर के पत्र को संलग्न करते हुए जिला सहकारी बैंक शिवपुरी की अंशपूंजी 142.31 करोड़, ब्याज माफी योजना के तहत शेष राशि 14.46 करोड़ और सामान्य बैंक लिमिट के लिए 70 करोड़ की सहायता राशि प्रदान करने की मांग की थी।
?50 करोड़ की स्वीकृति
अब राज्य सरकार ने इसके लिए कदम उठाए हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शिवपुरी की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के लिए बैंक को राज्य सरकार ने अंशपूंजी सहायता के रूप में ?50 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।
मध्यप्रदेश सरकार की इस आर्थिक मदद से शिवपुरी सहकारी बैंक को नया जीवन मिल सकेगा। अमानतदारों को उनकी जमा राशि लौटाई जा सकेगी वहीं जिला सहकारी बैंक से क्षेत्र के किसानों की लेनदेन की प्रक्रिया भी शुरू हो पाएगी।

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