नए संवतसर के राजा और मंत्री रहेंगे सूर्यदेव

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इस वर्ष ज्यादा ताप सहना होगा, अन्न अधिक और फल कम होेंगे

बलराम शर्मा,

नर्मदापुरम। पंचांगीय गणना के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा आज रविवार से हिंदू नव वर्ष का प्रारंभ होता है ज्योतिषाचार्यों व पंचाग के विद्वानों के अनुसार विक्रम संवत 2082 कालयुक्त संवत्सर का नाम सिद्धार्थ रहेगा 2082 हिंदू नववर्ष की शुरुआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से और समापन चैत्र माह की अमावस्या तिथि को होती है। जिस दिन से संवत्सर की शुरुआत होती है, वह दिन या दिनाधिपति उस वर्ष का राजा होता है। रविवार होने से इस वर्ष के राजा सूर्य रहेंगे। और मंत्री का पद भी उन्हीं के पास रहेगा। आचार्य पं नीरजेश त्रिपाठी के अनुसार सूर्यदेव की छत्र छाया में इस वर्ष प्रजा ज्ञान वैराग्य से युक्त होगी। संपूर्ण पृथ्वी पर प्रसन्नता रहेगी। अन्न, जल पर्याप्त रहेगा। अन्न की पैदावार पूर्व वर्षों की तुलना में उत्तम रहेगी, लेकिन इतना जरूर है कि रोग अधिक फैलेंगे। जिनसे सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी। वर्ष के राजा सूर्य देव होने से फलों की पैदावार कम होने की संभावना रहेगी। गायों में दूध उत्पादन कम होगा। साथ ही अग्नि भय, जनहानि, चोरों का आतंक, राज्यों में विग्रह रहने की संभावना बढेगी। हृदय संबंधी,नेत्र संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सूर्यदेव के राजा होने से राजकीय सेवाओं कार्यों से जुड़े हुए लोगों व व्यापारियोंध, नौकरी पेशा वर्ग के लिए संवत्सर 2082 विशेष लाभकारी रहने की उम्मीद है। व्यापार व्यवसाय में नए आयाम स्थापित होंगे। आय में बढ़ोतरी होगी। नए कार्यों के लिए वर्ष शुभ फल कारक रहेगा। मंत्री पद पर भी सूर्य देव के आसीन होने के कारण चोरों का भय बढ़ेगा। पदार्थों से व्यापार में उन्नति प्राप्त होगी।

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