भोपाल (आरएनएस)। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण और महिला एवं बाल विकास विभाग, मध्यप्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में पलाश होटल, भोपाल में दत्तक ग्रहण विनियम 2022 पर दो दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 एवं 26 मार्च को आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम बच्चों के कानूनी और नैतिक रूप से गोद लेने की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रशिक्षण के पहले दिन जिलों के प्रतिनिधि एस.जे.पी.यू के अधिकारी, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी, विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण एवं बाल गृह के अधीक्षक/प्रबंधक शामिल हुए। प्रशिक्षण के दूसरे दिन 26 मार्च को शेष जिलों के प्रतिभागी शामिल होंगे।महिला एवं बाल विकास मंत्री, श्रीमती निर्मला भूरिया ने वीडियो संदेश के माध्यम से प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों के एडॉप्शन से जुड़ी संवेदनाओं को समझने और इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों के दत्तक ग्रहण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल गोद लेने की प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाया जाएगा, बल्कि बच्चों को एक उज्जवल भविष्य भी मिलेगा।
गोद लेने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर जोर
आयुक्त महिला एवं बाल विकास श्रीमती सूफिया फारुकी वली ने कहा कि विभाग दत्तक ग्रहण विनियम-2022 के तहत बच्चों के स्थायी पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नैतिक और कानूनी तरीके से गोद लेना बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। यह न केवल बच्चों को एक सुरक्षित और प्यार भरा घर देता है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाता है। पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।








