जबलपुर /मध्य प्रदेश शासन संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद, पंजाबी साहित्य अकादमी, भोपाल एवं केंद्रीय गुरु सिंह सभा म.प्र.छ. ग़. जबलपुर तथा पंजाबी महासंघ जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में मानस भवन में रंग दे बसंती, होला महल्ला महोत्सव आज पूर्ण हर्ष उल्लास, उमंग और जोश ख़रोश के साथ मनाया गया। यहां पंजाब की बहुरंगी संस्कृति से सराबोर कार्यक्रमों से उठी पंजाब के खेतों की सोंधी खुशबू से रूबरू हुए दर्शक खुद को सम्हाल नहीं पाए और कलाकारों के साथ ही जमकर भांगड़ा किया। आयोजक, पंजाबी साहित्य अकादमी जबलपुर संभाग के संयोजक अजीत सिंह नैय्यर सीटू ने आभार प्रकट किया। आयोजन में पंजाब के उम्दा कलाकारों द्वारा ढोल, मजीरा, सांप, तुम्बी और बुगदू आदि लोक वाद्य यंत्रों मोहक ताल और लय के अनूठे सामंजस्य के साथ, पेश किया गया पंजाबी लोक नृत्य, गायन गिद्दा, भांगड़ा, टप्पे, बोलियां एवं शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह के जीवन पर आधारित एक घंटे का नाट्य मंचन आदि के साथ ही रंगारंग प्रस्तुतियां जहां आकर्षण का केंद्र बनीं और हमेशा के लिए मानस पटल पर मीठी यादें छोड़ गईं । मालवा सभ्याचारक क्लब, पटियाला के प्रोग्राम डायरेक्टर गुरदर्शन सिंह ने बताया कि इस दल पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के 17 कलाकार आए हैं जिनमें 5 छात्राएं और 12छात्रगण शामिल हुए हैं। यह दल ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड कनाडा मलेशिया इंडोनेशिया सहित विश्व के अनेक देशों में अपने हुनर का जलवा बिखेर कर भारतीय पंजाबी संस्कृति की अलख जगा चुके हैं। पंजाबी साहित्य अकादमी भोपाल के महा निदेशक इंद्रजीत सिंह खनूजा ने अध्यक्षता की। इस दौरान नगर के उम्दा कलाकार एवं साहित्यकारों का सम्मान भी किया गया ।कार्यक्रम मनभावन का संचालन जसबीन कौर छावड़ा,शरण प्रीत कौर बांगा और अवनीत कौर छावड़ा ने किया । भोपाल से आए अकादमी के महानिदेशक श्री इंद्र जीत सिंह खनूजा ने बताया कि आगामी 6 अप्रैल को इंदौर 15 को गुना और 20 अप्रैल को कटनी अकादमी कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है।








