अपनी जमात के साथ मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहे हैं दादागुरु
दादा गुरु ने अपना सर्वस्व धर्म, धरा, धेनु मां नर्मदा और प्रकृति संरक्षण सम्वर्धन में न्यौछावर कर दिया है
नर्मदापुरम। मां नर्मदा के अनन्य भक्त अखंड निराहारी दादा गुरू समर्थ सद् गुरु भैयाजी सरकार और जमात का नगर आगमन आज होगा। मां नर्मदा सहित सभी पवित्र नदियों का जीवन बचाने तथा प्रकृति, पर्यावरण और गौवंश के संरक्षण संवर्धन के लिए पिछले पांच वर्षों से निराहार महाव्रत करने वाले अवधूत महायोगी श्री समर्थ सद्गुरु दादागुरु भैयाजी सरकार की निराहार निर्जला नर्मदा सेवा परिक्रमा का प्रवेश आज शहर में होगा। गाजे बाजे के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। संत भैयाजी सरकार के अनुयायी उनकी अगवानी के लिए एक दिन पूर्व से तैयारी कर रहे हैं। दादा कुटी ें उनका पड़ाव रहेगा। संत जी एक दिन में 30-35 किलोमीटर तक की यात्रा करते हुए आ रहे हैं। गांव-गांव नगर नगर में दादा गुरू का स्वागत किया जा रहा है। जहां भी उनकी जमात का ठहराव होता है वहां पर भजन कीर्तन के साथ ही संवाद भी होता है। गुरूवार को सोहागपुर क्षेत्र से माखन नगर में परिक्रमा यात्रा पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। आज नर्मदापुरम में उनका प्रवेश होगा।
यहां बीटीआई रोड पर स्थिति दादा की कुटिया में संत जी आ रहे हैं और अपनी जमात के साथ मां नर्मदा जी की पूजा अर्चना करेंगे। इस मौके पर भजनों का कार्यक्रम रहेगा। दादा गुरु संतजी ने पहले दो बार निराहार नर्मदा परिक्रमा कर चुके हैं।
संत जी का स्वागत के लिए पं तेजेश्वर प्रसाद मिश्र, समाजसेवी नरेंद्र सिंह सोलंकी, डॉ श्रीमती स्मिता संजय रिछारिया इंजीनियर हरिकृष्ण नायक, पूर्व जनपद अध्यक्ष श्रीमती संगीता सोलंकी, पीयूष मिश्रा, विवेक शर्मा सहित नर्मदा मिशन के कई कार्यकर्ता शामिल हैं।
दरअसल दादा गुरु नर्मदा सहित सभी पवित्र नदियों के साथ साथ मिट्टी, पेड़, पहाड़ों या संपूर्ण प्रकृति के संरक्षण संवर्धन के लिए सामाजिक जागरुकता का उद्देश्य लेकर इस मिशन में अनेक वर्षों से लगे हुए हैं। नर्मदापुरम में होने वाले कार्यक्रम में भजन कीर्तन के आयोजन होंगे।
मां नर्मदा स्वच्छ निर्मल हो और प्रकृति दूषित होने से बचे पर्यावरण शुद्धता के लिए संत जी लगातार पांच वर्ष से अधिक समय से निराहार हैं। दादा गुरु ने अपना सर्वस्व धर्म, धरा, धेनु मां नर्मदा और प्रकृति संरक्षण सम्वर्धन में न्यौछावर कर दिया है। सतत नर्मदा पथ पर गतिशील रहकर सेवा साधना और संरक्षण संवर्धन में अपना जीवन समर्पित किए हुए हैं और ज्ञान विज्ञान को चुनौती देते हुए पिछले पांच वर्षों से सिर्फ नर्मदाजल ग्रहण कर मां नर्मदा की जीवंतता और सत्यता को देश दुनिया के सामने प्रकट कर चुके हैं। निराहार महाव्रत के दौरान ही दादागुरु ने अनेकों यात्राओं के अतिरिक्त पूर्व वर्ष में सिर्फ नर्मदा जल ग्रहण कर 3200 किमी की मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा का प्रथम चरण पूर्ण किया था।
दादागुरु की पैदल नर्मदा परिक्रमा का नर्मदापुरम में प्रवेश आज
माँ नर्मदा एवं प्रकृति पर्यावरण संरक्षण संवर्धन के पवित्र संकल्प के साथ सिर्फ नर्मदा जल ग्रहण कर विगत 5 वर्षों से अखण्ड निराहार महाव्रत कर रहे रेवापथ के महायोगी श्री दादागुरु की नर्मदा सेवा परिक्रमा का नगर में प्रवेश 7 मार्च शाम के समय हो रहा है। माँ नर्मदा के पथ के सामर्थ्य महिमा और महत्व को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने वाले दादागुरु की नर्मदा परिक्रमा का यह तीसरा चरण है जो कि वे सिर्फ वायु ग्रहण कर पूर्ण कर रहे हैं अर्थात परिक्रमा के दौरान वे जल भी ग्रहण नहीं करते हैं ऐसे महायोगी के दर्शन और स्वागत के लिए नर्मदापुरम वासी एकत्रित होंगे और माँ नर्मदा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अवधूत दादागुरु की जमात का अपने नगर में भव्य स्वागत को श्रद्धालु आतुर हैं।
परिक्रमा पथ इस प्रकार है
शाम 4 बजे से
सेमिरिटर्न चौराहा, पुलिस लाइन.,मीनाक्षी क्षेत्र, एन एम वी कॉलेज, रामजी बाबा, सतरास्ता, इंद्रा चौक, मोरछली चौक, कसेरा मोहल्ला.,जुमेराती काली चौक,बसंत टाकीज रोड. होते हुए श्री दादाकुटी में पूजा अर्चना और भजन के साथ ही रात्रि विश्राम होगा।






