सीएमएचओ की उदासीनता से नहीं होते सकारात्मक आयोजन
नर्मदापुरम। जिला अस्पताल को 124 वर्ष हो गए। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग को विशेष स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर या इसी तरह के कुछ अन्य सकारात्मक आयोजन करने चाहिए। अस्पताल की वर्षगांठ पर शहर के विभिन्न संगठनों को बुलाकर स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियां देना चाहिए। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के मुखिया को इस तरह के आयोजन की कोई रूचि नहीं रहती है। वह तो सिर्फ चेंबर या कलेक्ट्रेट के चक्कर काटने के अलावा स्वाथ्य विभाग की बेहतरी के लिए कोई विचार नहीं करते हैं। यदि शासन से कोई संदेश आ गया तो उससे संबंधित आयोजन कर दिए या कार्यशाला कर दी। मन से कोई आयोजन करने के पक्षधर नहीं रहते हैं।
लोगों को मिल सकती है प्रेरणा
जिस प्रकार 124 वर्ष पूर्व शहर के उस समय के सामाजिक लोगों ने जनभागीदारी के तहत अस्पताल बनाने में अहम भूमिका निभाई थी उससे प्रेरणा लेकर अन्य समाजसेवी स्वास्थ्य से संबंधित कार्यों में रूचि ले सकते हैं। लेकिन विभागीय इच्छा शक्ति या प्रशासन में कोई अन्य अधिकारी अपनी रूचि दिखाए तो ऐसे रचनात्मक कार्य हो सकते हैं।






