चोरी की राशि वसूल होने पर आउटसोर्स कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
भोपाल (आरएनएस)। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अब बिजली चोरी की रोकथाम के चलाई जा रही पारितोषिक योजना के तहत बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली करने में विभागीय अधिकारियों/कर्मचारियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि अब आउटसोर्स कर्मचारियों को भी दी जायेगी। वर्तमान में विभागीय दायित्वों का निर्वहन आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा भी किया जा रहा है। विभिन्न परिसरों की जांच एवं जांच के उपरांत बनाये गये पंचनामा के आधार पर आरोपियों से जुर्माने की राशि वसूली में, सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से नियुक्त आउटसोर्स कर्मचारी महत्?वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ जांच एवं वसूली के कार्य में सम्मिलित आउटसोर्स कर्मचारियों को भी परितोषिक योजनान्तर्गत 2.5 (ढाई) प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के रूप में दिये जाने का निर्णय लिया गया है। बिजली चोरी की जुर्माना राशि वसूली का भुगतान निश्चित अवधि में अर्धवार्षिक अथवा वार्षिक आधार पर दिया जायेगा। उल्लेखनीय है कि नियमित अथवा संविदा कर्मियों को योजना के प्रारंभ से ही 2.5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि दी जाती रही है। किन्तु, अब कंपनी विद्युत की चोरी की प्रभावी रोकथाम और अवैध उपयोग को रोकने के लिए इस योजना में आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ ही कोई भी सामान्य नागरिक बिजली चोरी की सूचना कंपनी मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक, संचा.संधा/शहर वृत्त कार्यालय के महाप्रबंधकों को लिखित अथवा मोबाइल पर दे सकता है। इसके लिये हाल ही में कंपनी की वेबसाईट द्धह्लह्लश्चह्य://श्चशह्म्ह्लड्डद्य.द्वश्चष्5.द्बठ्ठ/ पर ऑनलाईन सूचना देने की व्यवस्था भी की गई है। बिजली चोरी की सफल सूचना देने वाले को चोरी की क्षतिपूर्ति की पूर्ण राशि जमा होने पर, बिल की राशि के दस प्रतिशत की राशि को पारितोषिक राशि के रूप में दिये जाने का प्रावधान किया गया है। योजना के अंतर्गत सूचनाकर्ता के संबंध में जानकारी पूर्णत: गोपनीय रखते हुए, कंपनी मुख्यालय से प्रोत्साहन की राशि सीधे संबंधित सूचनाकर्ता के बैंक के खाते में हस्तांतरित की जायेगी। इस योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय, वृत्त स्तर के अधिकारियों को जो शिकायतें प्राप्त होती है, उन शिकायतों पर तत्परता से कार्यवाही सुनिश्चित किये जाने के लिये कंपनी मुख्यालय के द्वारा सतत रूप से निगरानी रखी जाती है। बिजली चोरी की सूचना फर्म, एजेंसी, संगठन भी दे सकते हैं, जो कंपनी मुख्यालय में पदस्थ नोडल अधिकारी के माध्यम से पंजीकृत हैं।








