आस्था, भक्ति, उत्साह और महादेव के प्रति अपार प्रेम का अनूठा समागम पचमढ़ी का महादेव मेला

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सतपुड़ा की रानी पचमढ़ी की मनोरम वादियों में गूंजते हर-हर महादेव के जयकारे।

महादेव मंदिर तक दुर्गम मार्गों पर लगा हुआ है श्रद्धालुओ का रैला

नर्मदापुरम/  मेले के नोवें दिन भी भक्तों की अपार भीड़ से पचमढ़ी में “हर भोला हर हर महादेव “के जयकारों से महादेव चौरागढ़ दर्शन हेतु पधारे भक्तों से पूरा पचमढ़ी भक्तिमय हो रहा है। पचमढी में महाशिवरात्री के पावन पर्व पर भक्तों की अपार भीड उमड रही है। दुर्गम मार्ग होने के बाबजूद पूरी श्रद्धा एवं अस्था के साथ महादेव एवं चौरागढ जा रहे हैं। अभी तक लगभग 1 लाख 50 हजार से अधिक श्रद्धालू दर्शन कर चुके हैं।

पचमढी को भगवान शिव की तपस्या स्थली माना जाता है। मान्यता है कि महारष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के लोग भगवान शिव को अपना बहनोई तथा देवी पार्वती को अपनी बहन मानते है, इसलिये विशेष रूप से विदर्भ के श्रद्धालू महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को त्रिशूल भेंट देने आते है, भक्तजन बडे बडे वजन के त्रिशूल लेकर अपने आरध्य को अर्पित करने के लिये दुर्गम रास्तों से पहुँचते हैं तथा कई श्रद्धालू अपनी मनोकामना पूरी होने पर ही मंदिर में त्रिशूल भेंट करते हैं।

कलेक्टर सोनिया मीना के निर्देशानुसार अध्यक्ष, महादेव मेला समिति श्री सौजान सिंह रावत, सचिव श्रीमती अनीशा श्रीवास्तव एवं अतिरिक्त दण्डाधिकारी नर्मदापुरम श्री डीके सिंह द्वारा मेले की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। भक्तों की आवागमन, भोजन व्यवस्था, सफाई, चिकित्सा व्यवस्था आदि का मौके पर जा कर आला अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर संबधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किये जा रहे हैं।

एसपी डॉ गुरकरन सिंह के निर्देशानुसार एवं एसडीओपी पिपरिया श्री मोहित यादव के मार्गदर्शन में पुलिस टीम सुरक्षा की दृष्टि से सेक्टर पाईंटो के साथ ही जगह जगह पर तैनात है, बढती भीड को देखते हुए पुलिस टीम भक्तों को समझाईस भी दे रही है। चिकित्सक एवं स्वास्थ कर्मी पूरी कर्मठता और समर्पण भाव से भक्तों को अपनी सेवाऐं प्रदान कर रहे हैं तथा बीमार एवं चौटिल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार कर उन्हें पचमढी अस्पताल रेफर किया जा रहा है।

क्षेत्रीय परिवहन विभाग द्वारा सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में चल रहे वाहनों की चेंकिंग कर ओवरलोडिंग को रोकने की एवं निर्धारित राशि भक्तों से लेने की हिदायतें दी जा रही है। परिवहन विभाग द्वारा अभी तक कई वाहनों की चालानी कार्यवाही भी की गई है।

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