पढ़ोगे तो आगे बढ़ोगे: मौलाना सैय्यद हसन असकरी

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जबलपुर। मुस्लिम धर्मालंबियों की इबादत की रात शबे बारात जुमेरात को अक़ीदत से मनाई गई । इस मौके पर मुस्लिम बस्तियों मे रात भर चहल पहल बनी रही। मुस्लिम बंधुओं ने शबे बारात के मौक़े पर अपने घरों हजरते उवैस करनी रजी. की बारगाह मे नजरों न्याज़ की व रात्रि मे मस्जिदों मे इबादत कर अल्लाह से तौबा अस्तगफार कर माफ़ी मांगी। सुबह फजर की नमाज के बाद कब्रस्थान जाकर अपने मरहूमों की कब्र मे जाकर दुआएं मगफिरत की और फूल पेश किये।
दारुलउलूम – मुस्लिम बहुल क्षेत्र मंडी मदार टेकरी स्तिथ इस्लामी शिक्षा केंद्र दारुलउलूम अहले सुन्नत मे शबे बारात के मौक़े पर सूफिये मिल्लत हजरत बाबा सैय्यद तनवीर अशरफ शाह जिलानी के रूहानी फैजान से 52 वा जश्ने दस्तार (दीक्षान्त समारोह) का आयोजन रात्रि 9 बजे से किया गया। फाजिले बगदाद हजरत अल्लामा मौलाना सैय्यद हसन असकरी मियाँ आयोजन की सरपरस्ती फरमाई । जलसे मे अपना ख़िताब बयान करते हुए असकरी मियाँ ने नौजवानों को सम्भोधित करते हुए फरमाया की पढ़ोगे तो आगे बढ़ोगे । हजरत ने अफ़सोस जाहिर करते हुए कहा की अगर हमारे कौम के बच्चे गरीबी के कारण अगर पढ़ ना सके तो धिक्कार है कौम के दौलतमन्दो पर। आपने कहा की अल्लाह के रसूल के उम्मती एसे नहीं हो सकते जो गरीबो की मदद ना करे। जलसे मे जानशीने बाबा ए मिल्लत सूफ़ी फारुख लकड़वाला, मुफ़्ती मो. मुईनुद्दीन अशरफी ( रामपुर) हाफिज पीर नवाज (पूना) हजरत मौलाना सैय्यद अबरार बापू ( गुजरात) ने भी अपनी नूरानी तक़रीर पेश कीइसके अलावा नातखा सैय्यद नौशाद अशरफी ( गाडरवारा) मोहम्मद शाहिर ( कोतमा) ने अपनी नात ए पाक पेश की। इस मौेके पर 4 आलिम,15 हाफिज, 6 कारी को सनद डिग्री से नवाज़ा गया। तक़रीर उपरांत सालातो सलाम पेश किया गया और मुल्क की तरक्की खुशहाली की खास दुआएं मांगी गई। मुतवल्ली मोहम्मद तोहिद अशरफी व कमेटी ने जलसे मे शिरकत किये अक़ीदतमंदो का शुक्रिया अदा किया ।

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