सफलता की कहानी पर ड्रॉप मोर क्राप योजना का लाभ उठाकर कृषक ने बदली किसानी की तकनीक

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कृषक शेख हासिम ने किया उद्यानिकी खेती से 6.5 लाख रुपये की आय अर्जित

नर्मदापुरम/नर्मदापुरम जिले के ग्राम लोहारिया के निवासी कृषक शेख हासिम ने पारंपरिक खेती छोड़कर उद्यानिकी फसलों की खेती को अपनाया और इसके माध्यम से बड़ी सफलता हासिल की है। पहले 2 एकड़ में धान और गेहूं की पारंपरिक खेती करने वाले शेख हासिम ने उद्यानिकी विभाग के कृषक प्रशिक्षण और भ्रमण में राज्य के बाहर IIVR बाराणसी से तकनीकी खेती की जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाते हुए संरक्षित खेती के तहत प्लास्टिक मल्चिंग और ड्रिप इरीगेशन का इस्तेमाल करने का निर्णय लिया। इसके अंतर्गत शेख हासिम ने 2 एकड़ में मिर्च फसल की रोपाई की, जिसकी कुल लागत 3 लाख रुपये आई। मल्चिंग और ड्रिप इरीगेशन की मदद से फसल का उत्पादन 350 क्विंटल हुआ, जिसे बाजार में बेचकर उन्होंने लगभग 9.50 लाख रुपये की आय प्राप्त की। इस प्रकार, 2 एकड़ में मिर्च की खेती से शेख हासिम ने 6.5 लाख रुपये का मुनाफा कमाया।

उल्लेखनीय है कि PDMC (पर ड्रॉप मोर क्राप) योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में जल उपयोग दक्षता को बढ़ाना है और किसानों को जल बचत प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

कृषक शेख हासिम की सफलता न केवल उनके लिए बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है। वे अब लगातार उद्यानिकी फसलें उगाकर तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और साथ ही अपने गांव के अन्य किसानों को भी इस दिशा में प्रेरित कर रहे हैं।

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